MP में राज्यसभा की जंग: दिग्विजय सिंह फिर बन सकते हैं कांग्रेस के उम्मीदवार; जीतू पटवारी बोले- ‘मैं रेस से बाहर, पार्टी करेगी अंतिम फैसला’
मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नाम को लेकर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान ने नई चर्चा छेड़ दी है।
MP में राज्यसभा की जंग: दिग्विजय सिंह फिर बन सकते हैं कांग्रेस के उम्मीदवार; जीतू पटवारी बोले- ‘मैं रेस से बाहर, पार्टी करेगी अंतिम फैसला’
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की खाली हो रही सीटों के लिए बिसात बिछनी शुरू हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संकेत दिए हैं कि वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह एक बार फिर उच्च सदन (Rajya Sabha) जा सकते हैं। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि खुद दिग्विजय सिंह पहले ही सार्वजनिक रूप से तीसरी बार राज्यसभा जाने की इच्छा से इनकार कर चुके हैं।
जीतू पटवारी का बड़ा बयान: ‘हॉर्स ट्रेडिंग का डर’
मीडिया से बात करते हुए जीतू पटवारी ने स्पष्ट किया कि वह खुद इस दौड़ में शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा:
* दिग्विजय पर फैसला: “मेरे अलावा कोई भी उम्मीदवार हो सकता है। दिग्विजय सिंह के नाम पर विचार संभव है, लेकिन अंतिम मुहर पार्टी हाईकमान ही लगाएगा।”
* भाजपा पर हमला: पटवारी ने भाजपा पर ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ (विधायकों की खरीद-फरोख्त) का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर राजतंत्र की तरह काम कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए संकट है।
* कांग्रेस की जीत का दावा: तमाम चुनौतियों के बावजूद उन्होंने भरोसा जताया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ‘पास’ होगी और मजबूती से उभरकर सामने आएगी।
दिग्विजय सिंह का ‘इनकार’ बनाम पार्टी की ‘मजबूरी’
दिग्विजय सिंह का वर्तमान राज्यसभा कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है। उन्होंने पहले ही स्पष्ट किया था कि:
* वह तीसरी बार राज्यसभा नहीं जाना चाहते और उन्होंने नेतृत्व से किसी नए चेहरे को मौका देने का अनुरोध किया है।
* उन्होंने ‘राजनीति से संन्यास’ की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि वह संगठन के लिए जमीनी स्तर पर काम करते रहेंगे।
राजनीतिक गलियारों की चर्चा: जानकारों का मानना है कि मध्य प्रदेश में संख्या बल और भाजपा की आक्रामक रणनीति को देखते हुए, कांग्रेस एक ऐसे अनुभवी चेहरे को मैदान में उतारना चाहती है जो विधायकों को एकजुट रख सके। ऐसे में दिग्विजय सिंह की ‘ना’ के बावजूद पार्टी उन्हें मनाने की कोशिश कर रही है।
मध्य प्रदेश राज्यसभा समीकरण (2026):
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की रिक्त हो रही सीटों पर चुनाव आगामी दिनों में होने हैं। संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस के पास एक सीट सुरक्षित दिख रही है, लेकिन पटवारी के ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ वाले बयान ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
