दाऊद इब्राहिम की करोड़ों की पैतृक जमीन नीलाम: रत्नागिरी के इन 4 गांवों में थे प्लॉट, जानें किसने लगाई सबसे बड़ी बोली
भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की पारिवारिक संपत्तियों पर सरकार का शिकंजा कसता जा रहा है। दशकों के इंतजार के बाद, महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में स्थित दाऊद की चार बेशकीमती संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो गई है। SAFEMA (स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स एक्ट) के तहत की गई इस कार्रवाई ने एक बार फिर अंडरवर्ल्ड के आर्थिक साम्राज्य को बड़ा झटका दिया है।
दाऊद इब्राहिम की करोड़ों की पैतृक जमीन नीलाम: रत्नागिरी के इन 4 गांवों में थे प्लॉट, जानें किसने लगाई सबसे बड़ी बोली
मुंबई/रत्नागिरी: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का खौफ अब धीरे-धीरे उसकी जमीनों से भी खत्म हो रहा है। लगभग 35 साल तक कानूनी दांव-पेंच में फंसी रहने के बाद, दाऊद की चार खेतिहर जमीनों (Agricultural Land) को नीलाम कर दिया गया है। ये सभी संपत्तियां महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के खेड़ तालुका में स्थित हैं।
कहां हैं ये 4 बेशकीमती प्लॉट?
नीलाम की गई ये चारों संपत्तियां दाऊद के पैतृक गांव और उसके आस-पास के इलाकों में स्थित हैं:
* मुंबके गांव (Mumbake Village): यह दाऊद इब्राहिम का पैतृक गांव है। यहां स्थित दो बड़े भूखंडों को नीलाम किया गया है। इसी गांव में दाऊद का वह बचपन का घर भी था, जिसे पहले ही नीलाम किया जा चुका है।
* लोटे गांव (Lote Village): खेड़ तालुका के ही लोटे गांव में स्थित औद्योगिक और कृषि महत्व वाली जमीन के टुकड़ों को इस नीलामी में शामिल किया गया था।
* खेड (Khed): रत्नागिरी के इस इलाके में दाऊद की मां अमीना बी और बहन हसीना पारकर के नाम पर दर्ज संपत्तियों की पहचान की गई थी।
नीलामी की मुख्य बातें
* कुल रकबा: इन चार प्लॉटों का कुल क्षेत्रफल लगभग 21,784 वर्ग मीटर बताया जा रहा है।
* रिजर्व प्राइस: सरकार ने इन संपत्तियों की शुरुआती कीमत (Reserve Price) लगभग 19 लाख से 20 लाख रुपये के बीच रखी थी।
* सफल बोलीदाता: दिल्ली के वकील अजय श्रीवास्तव, जो पहले भी दाऊद की कई संपत्तियां खरीद चुके हैं, इस नीलामी में भी प्रमुख नाम रहे। उन्होंने दाऊद के डर को खत्म करने के उद्देश्य से इन संपत्तियों पर बोली लगाई और जीत हासिल की।
35 साल का इंतजार और ‘सनातन पाठशाला’ का संकल्प
इन जमीनों को 1993 के मुंबई धमाकों के बाद जब्त करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण इसमें दशकों लग गए। सफल बोलीदाता अजय श्रीवास्तव ने घोषणा की है कि वे दाऊद के पैतृक गांव मुंबके में जीती गई जमीन पर एक ‘सनातन पाठशाला’ (स्कूल) का निर्माण करेंगे, ताकि उस स्थान से नकारात्मकता को मिटाया जा सके।
अंडरवर्ल्ड की कमर तोड़ने की कोशिश
SAFEMA प्राधिकरण अब तक दाऊद इब्राहिम की 11 से ज्यादा संपत्तियों को नीलाम कर चुका है, जिनमें मुंबई का ‘होटल रौनक अफरोज’, ‘शबनम गेस्ट हाउस’ और नागपाड़ा के कई फ्लैट शामिल हैं। सरकार की इस कार्रवाई का सीधा संदेश है कि देश के दुश्मनों की संपत्तियों पर अब सिर्फ और सिर्फ देश का हक होगा।
