नया टोल नियम: 72 घंटे की ‘डेडलाइन’ चूके तो देना होगा दोगुना टैक्स, जानें क्या है सरकार का नया प्लान
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने नेशनल हाईवे पर टोल वसूली को लेकर ‘नेशनल हाईवे फीस रूल्स, 2026’ में बड़ा बदलाव किया है। ये नए नियम 17 मार्च 2026 से देशभर में लागू हो गए हैं। इनका मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर लगने वाली भीड़ को खत्म करना और बैरियर-मुक्त (Barrier-free) टोलिंग सिस्टम को बढ़ावा देना है।
यहाँ नए नियमों की पूरी जानकारी दी गई है:
नया टोल नियम: 72 घंटे की ‘डेडलाइन’ चूके तो देना होगा दोगुना टैक्स, जानें क्या है सरकार का नया प्लान
नई दिल्ली: अगर आप भी नेशनल हाईवे पर सफर करते हैं, तो सावधान हो जाइए। सरकार ने टोल चोरी रोकने और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है। अब टोल न भरने या फास्टैग (FASTag) में बैलेंस कम होने पर आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है।
1. 72 घंटे का ‘ग्रेस पीरियड’ और दोगुना जुर्माना
नए नियमों के अनुसार, यदि कोई वाहन टोल प्लाजा से गुजरता है और तकनीकी खराबी या बैलेंस की कमी के कारण टोल नहीं कट पाता, तो उसे ‘अनपेड यूजर फीस’ (Unpaid User Fee) माना जाएगा।
* ई-नोटिस (e-Notice): टोल न कटने पर वाहन मालिक को SMS, ईमेल या ऐप के जरिए एक इलेक्ट्रॉनिक नोटिस भेजा जाएगा।
* 72 घंटे की छूट: नोटिस मिलने के 72 घंटों के भीतर यदि आप टोल का भुगतान कर देते हैं, तो आपको सिर्फ वास्तविक टोल राशि ही देनी होगी।
* दोगुना भुगतान: यदि 72 घंटे बीत जाते हैं और भुगतान नहीं होता है, तो आपको दोगुना (2x) टोल टैक्स भरना पड़ेगा।
2. बैरियर-लेस (Barrier-Free) टोलिंग की तैयारी
सरकार धीरे-धीरे टोल प्लाजा से फिजिकल बैरियर (फाटकों) को हटा रही है। अब हाईवे पर लगे हाई-टेक कैमरे (ANPR) आपकी नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे और टोल अपने आप कट जाएगा।
* रुकावट खत्म: अब आपको टोल पर रुकने या गाड़ी धीमी करने की जरूरत नहीं होगी, जिससे ईंधन और समय दोनों की बचत होगी।
* Vahan डेटाबेस से लिंक: टोल सिस्टम को अब सीधे ‘वाहन’ (VAHAN) पोर्टल से जोड़ दिया गया है। इससे डिफॉल्टरों की पहचान करना और उन पर जुर्माना लगाना आसान हो गया है।
3. बिना बकाया चुकाए नहीं बिकेगी गाड़ी
नियमों में यह भी साफ किया गया है कि यदि आपकी गाड़ी पर कोई टोल बकाया है, तो आप उस वाहन को बेच नहीं पाएंगे।
* NOC जरूरी: गाड़ी ट्रांसफर करने, फिटनेस सर्टिफिकेट लेने या परमिट रिन्यू कराने के लिए अब ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ अनिवार्य होगा। जब तक पिछला टोल बकाया (Unpaid Toll) जमा नहीं होगा, तब तक ये काम नहीं हो सकेंगे।
4. कैश लेन-देन पर लगाम
NHAI की योजना 1 अप्रैल 2026 से टोल प्लाजा पर कैश (नकद) लेनदेन को पूरी तरह बंद करने की है। वर्तमान में कैश देने पर दोगुना और UPI से देने पर 1.25 गुना चार्ज लगता है, लेकिन भविष्य में केवल FASTag और सैटेलाइट आधारित टोलिंग ही मान्य होगी।
आम जनता के लिए सुझाव:
* अपने फास्टैग (FASTag) में हमेशा पर्याप्त बैलेंस रखें।
* अपना मोबाइल नंबर और ईमेल बैंक/फास्टैग प्रोवाइडर के साथ अपडेट रखें ताकि नोटिस समय पर मिल सके।
* यदि कभी बैलेंस कटने का मैसेज न आए, तो तुरंत ‘Park+ ‘ या संबंधित बैंक पोर्टल पर जाकर पेंडिंग टोल चेक करें।
