बगदाद में ‘युद्ध’ जैसे हालात: US एंबेसी पर हमला और तेल क्षेत्रों पर ड्रोन स्ट्राइक, ट्रंप की चेतावनी
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुँच गया है। ताज़ा घटनाक्रम में ईरान समर्थित गुटों ने बगदाद में अमेरिकी दूतावास और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर भीषण हमले किए हैं, जिसके बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
बगदाद में ‘युद्ध’ जैसे हालात: US एंबेसी पर हमला और तेल क्षेत्रों पर ड्रोन स्ट्राइक, ट्रंप की चेतावनी
बगदाद/वॉशिंगटन: मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष अब इराक तक फैल गया है। मंगलवार, 17 मार्च 2026 को ईरान समर्थित मिलिशिया ने बगदाद के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ‘ग्रीन ज़ोन’ को निशाना बनाया। इस हमले में अमेरिकी दूतावास और विदेशी राजनयिकों के ठहरने वाले एक होटल को निशाना बनाया गया है।
हमले के मुख्य विवरण:
* दूतावास पर हमला: बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर कई ड्रोन और रॉकेट दागे गए। चश्मदीदों के अनुसार, दूतावास परिसर से काला धुआं उठता देखा गया। अमेरिकी वायु रक्षा प्रणाली (C-RAM) ने कई खतरों को हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन कुछ प्रोजेक्टाइल परिसर के भीतर गिरे।
* अल-रशीद होटल: ग्रीन ज़ोन में स्थित ‘अल-रशीद होटल’ (जहाँ विदेशी राजनयिक रुकते हैं) पर भी एक ड्रोन गिरा, जिससे उसकी ऊपरी मंजिल को नुकसान पहुँचा है।
* तेल क्षेत्रों पर निशाना: इराक के दक्षिणी बसरा प्रांत में स्थित मजनून तेल क्षेत्र (Majnoon Oilfield) पर भी दो ड्रोन से हमला किया गया। यह हमला वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करने की ईरान की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया
इस हमले के बाद पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को सख्त चेतावनी दी।
“ईरान एक बहुत बड़ी गलती कर रहा है। वे हमारे दूतावासों और हमारे लोगों को निशाना बना रहे हैं, जो पूरी तरह से अस्वीकार्य है। अगर एक भी अमेरिकी को नुकसान पहुँचा, तो ईरान को ऐसी कीमत चुकानी होगी जो उसने पहले कभी नहीं सोची होगी— डोनाल्ड ट्रंप
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उनके कार्यकाल के दौरान ईरान की हिम्मत ऐसी हरकत करने की नहीं थी। उन्होंने अन्य देशों (चीन, जापान और यूके) से भी अपील की है कि वे हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सुरक्षित करने के लिए अपने युद्धपोत भेजें।
हमले का कारण?
माना जा रहा है कि यह हमला कयाइब हिजबुल्लाह के वरिष्ठ कमांडर अबू अली अल-अस्करी की हत्या और ईरान के बासिज कमांडर सुलेमानी पर हुए हमले के प्रतिशोध में किया गया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह क्षेत्र में किसी भी अमेरिकी संपत्ति को निशाना बना सकता है।
