ओडिशा: राज्यसभा चुनाव में ‘खेला’, क्रॉस वोटिंग करने वाले कांग्रेस के 3 विधायक पार्टी से निष्कासित
ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई ‘क्रॉस वोटिंग’ ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। कांग्रेस ने अनुशासनहीनता के आरोप में अपने तीन विधायकों को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
ओडिशा: राज्यसभा चुनाव में ‘खेला’, क्रॉस वोटिंग करने वाले कांग्रेस के 3 विधायक पार्टी से निष्कासित
भुवनेश्वर: ओडिशा में राज्यसभा की चार सीटों के लिए हुए मतदान के दौरान कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के तीन विधायकों ने हाईकमान के निर्देशों और व्हिप का उल्लंघन करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कांग्रेस ने तीनों विधायकों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है।
कौन हैं निष्कासित विधायक?
पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण जिन विधायकों पर गाज गिरी है, उनके नाम निम्नलिखित हैं:
* रमेश जेना (दिगपहांडी से विधायक)
* दशरथी गोमांगो (मोहना से विधायक)
* सोफिया फिरदौस (कटक-बाराबती से विधायक)
क्या है पूरा मामला?
ओडिशा में राज्यसभा की चौथी सीट के लिए मुकाबला काफी दिलचस्प था। संख्या बल के हिसाब से बीजेपी के पास दो और बीजू जनता दल (बीजेडी) के पास एक सीट सुरक्षित थी। चौथी सीट के लिए बीजेडी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की चर्चा थी, लेकिन बीजेपी ने निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे को समर्थन देकर मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया।
सोमवार को मतदान के दौरान कांग्रेस के इन तीन विधायकों ने बीजेपी समर्थित उम्मीदवार को वोट दिया, जिससे विपक्ष का समीकरण बिगड़ गया। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (OPCC) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि इन विधायकों ने पार्टी के साथ विश्वासघात किया है और इन्हें तुरंत प्रभाव से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
विपक्ष को लगा बड़ा झटका
कांग्रेस ने अपने विधायकों को टूटने से बचाने के लिए उन्हें कर्नाटक के एक रिसॉर्ट में भी रखा था, लेकिन वोटिंग के दिन यह रणनीति काम नहीं आई। इस क्रॉस वोटिंग की मदद से बीजेपी के उम्मीदवारों और उनके समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की।
“यह ओडिशा के लिए एक यादगार दिन है। हमारे उम्मीदवारों ने भारी बहुमत के साथ जीत हासिल की है — मोहन चरण माझी, मुख्यमंत्री (ओडिशा)
