Monday, June 22, 2026
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सिलेंडर की कालाबाजारी का भंडाफोड़! ऊंचे दामों पर हो रही थी अवैध बिक्री, कई राज्यों में बड़ा एक्शन—सैकड़ों सिलेंडर जब्त

सिलेंडर की कालाबाजारी का भंडाफोड़! ऊंचे दामों पर हो रही थी अवैध बिक्री, कई राज्यों में बड़ा एक्शन—सैकड़ों सिलेंडर जब्त

ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध से LPG सप्लाई पर असर पड़ने के बीच भारत में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत ने कालाबाजारी को जन्म दिया है। लोग ₹900-1000 के सिलेंडर को ब्लैक में ₹2000-4500 तक चुकाने को मजबूर हैं, जबकि होटल-रेस्टोरेंट्स बंद होने की कगार पर हैं। लेकिन अब प्रशासन ने सख्ती बरती है—देशभर में ताबड़तोड़ छापेमारी और जब्ती का सिलसिला जारी है!

ताजा बड़े एक्शन क्या हैं?

मुंबई (वर्ली इलाका): खाद्य एवं रसद विभाग और पुलिस ने एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया। रिहायशी इलाके में अवैध रूप से स्टोर किए गए सैकड़ों घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर जब्त किए गए। गैंग इन्हें ब्लैक मार्केट में महंगे दामों पर बेच रहा था। (AajTak, TV9 Hindi रिपोर्ट)

लखनऊ (उत्तर प्रदेश): 1,483 जगहों पर छापेमारी! 24 FIR दर्ज, 6 गिरफ्तारियां। कई जगहों से अवैध स्टॉक बरामद। प्रशासन ने कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस का ऐलान किया।

बिहार (पटना और अन्य): नीतीश सरकार का सख्त रुख—एक प्रमुख गैस एजेंसी सील, 132 सिलेंडर जब्त, मालिक के खिलाफ FIR। हेल्पलाइन जारी कर शिकायतों पर तुरंत एक्शन।

जयपुर (राजस्थान): 83 सिलेंडर और एक पिकअप जब्त। घरेलू गैस को कमर्शियल में अवैध रिफिल कर ₹3000 में बेचा जा रहा था। एक गिरफ्तार, ठेकेदार फरार।

हापुड़ (उत्तर प्रदेश): एक आरोपी (सपा नेता से जुड़े) के घर से 55 सिलेंडर बरामद। अवैध भंडारण का बड़ा मामला।

अन्य राज्य: छतरपुर (MP) में 38, बारां (राजस्थान) में 71, रोहतास (बिहार) में 10 सिलेंडर जब्त। देशभर में हजारों सिलेंडर जब्त हो चुके हैं।

क्यों हो रही है कालाबाजारी?

ईरान युद्ध से सप्लाई चेन प्रभावित—Strait of Hormuz से आयात बाधित।

पैनिक बुकिंग और जमाखोरी से डिमांड बढ़ी।

घरेलू सिलेंडर (₹900-950) ब्लैक में ₹2000-3000, कमर्शियल (₹1700-1800) ₹4000-6000 तक बिक रहे हैं।

PM मोदी ने ब्लैक मार्केटर्स को चेतावनी दी: “ऐसे लोग देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं, सख्त कार्रवाई होगी।”

सरकार क्या कर रही है?

रिफाइनरीज को LPG प्रोडक्शन मैक्सिमाइज करने के आदेश।

डिलीवरी साइकिल 2.5 दिन में रखी गई, लेकिन कुछ शहरों में 25 दिन तक वेटिंग।

हॉस्पिटल्स और जरूरी सेक्टर्स को प्रायोरिटी सप्लाई।

ESMA लागू, हेल्पलाइन नंबर जारी, और छापेमारी तेज।

उपभोक्ताओं से अपील: पैनिक न करें, जरूरत से ज्यादा बुकिंग न करें।

यह संकट जल्द खत्म होने की उम्मीद है, लेकिन कालाबाजारी पर नकेल कसने के लिए एक्शन जारी रहेगा। क्या आपके इलाके में भी किल्लत है? या कोई शिकायत? कमेंट में बताएं और अगर ब्लैक मार्केटिंग देखें तो तुरंत हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें!

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