ऑपरेशन टाइगर’ पर फडणवीस और शिंदे का बड़ा बयान; बोले- ‘ऑपरेशन पूरा हो गया है, मरीज बिल्कुल स्वस्थ है’
ऑपरेशन टाइगर’ पर फडणवीस और शिंदे का बड़ा बयान; बोले- ‘ऑपरेशन पूरा हो गया है, मरीज बिल्कुल स्वस्थ है’
मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर जारी अटकलों के बीच सूबे के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बेहद चौंकाने वाले और बड़े बयान दिए हैं। शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की खबरों पर दोनों नेताओं ने साफ कर दिया है कि खेल लगभग खत्म हो चुका है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इशारों-इशारों में कहा, “ऑपरेशन पूरा हो गया है और मरीज बिल्कुल स्वस्थ है।”
”हम कोई ऑपरेशन अधूरा नहीं छोड़ते”— डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे
एक कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे गुट में होने वाली बड़ी टूट की पुष्टि करते हुए कहा कि जल्द ही मीडिया को एक बड़ी ब्रेकिंग न्यूज मिलेगी। उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा:
”केमिकल लोचा”: शिंदे ने तंज कसा कि उद्धव गुट के नेताओं के दिमाग में केमिकल लोचा है; ये लोग सुबह टीवी पर गालियां देते हैं और रात को पैर पकड़ते हैं।
इस्तीफे पर कटाक्ष: उन्होंने आगे कहा कि अब जब उनकी पार्टी में कोई सांसद या नेता बचेगा ही नहीं, तो वे इस्तीफा देने के अलावा और करेंगे भी क्या?
सांसद ओमराजे निंबालकर की एंट्री तय!
पहले कयास लगाए जा रहे थे कि धाराशिव से सांसद ओमराजे निंबालकर पाला नहीं बदलेंगे और उद्धव ठाकरे के साथ ही रहेंगे। लेकिन अब शिंदे और फडणवीस के बयानों से साफ हो गया है कि निंबालकर की शिंदे गुट में एंट्री पक्की है।
निंबालकर पर बोलते हुए डिप्टी सीएम शिंदे ने कहा, “ओमराजे कल कोर्ट में थे और उनका परिवार दुखी था। ऐसी संवेदनशील स्थिति में भी उद्धव गुट के लोग उन पर (फंडिंग को लेकर) आरोप लगा रहे हैं।”
”उजड़े गांव की प्रधानी छोड़ रहे उद्धव”— सीएम देवेंद्र फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे द्वारा शिवसेना (यूबीटी) का अध्यक्ष पद छोड़ने की पेशकश पर करारा हमला बोला। फडणवीस ने कहा:
”किसी संपन्न व्यवस्था को छोड़ना अलग बात है, लेकिन उजड़े हुए गांव की प्रधानी छोड़ने की बात कहने में बहुत फर्क होता है। जब आत्मचिंतन करने की जरूरत थी, तब उद्धव ठाकरे ने नहीं किया। अब बालासाहेब ठाकरे की असली शिवसेना एकनाथ शिंदे के पास है।”
उन्होंने महायुति सरकार में किसी भी मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि शिंदे और उनके बीच केवल भाईचारा है, कोई विवाद नहीं है।
सियासी मायने: मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के इन कड़े और स्पष्ट बयानों से यह साफ हो गया है कि पर्दे के पीछे ‘ऑपरेशन टाइगर’ पूरी तरह सफल हो चुका है। अब केवल बागी सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में आधिकारिक रूप से शामिल होने की औपचारिक घोषणा होना बाकी है, जिससे उद्धव ठाकरे को 4 साल बाद एक और सबसे बड़ा झटका लगना तय है।
