ट्राई सीरीज फाइनल: इंडिया ए बना चैंपियन, श्रीलंका को 66 रनों से रौंदा; वैभव सूर्यवंशी और तिलक वर्मा चमके
ट्राई सीरीज फाइनल: इंडिया ए बना चैंपियन, श्रीलंका को 66 रनों से रौंदा; वैभव सूर्यवंशी और तिलक वर्मा चमके
खेल डेस्क: इंडिया ए की टीम ने श्रीलंका ए को उनके ही घर में पटखनी देते हुए ट्राई सीरीज का खिताब अपने नाम कर लिया है। दांबुला के रंगीरी दांबुला अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए हाई-स्कोरिंग फाइनल मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 66 रनों से हरा दिया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट पर 377 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में श्रीलंकाई टीम 47.1 ओवरों में 311 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।
वैभव सूर्यवंशी का तूफान, कप्तान तिलक की कप्तानी पारी
भारतीय पारी के हीरो एक बार फिर 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी रहे। पिछले मैच में श्रीलंकाई खिलाड़ी विशेन हलमबागे के साथ हुई तीखी नोकझोंक के बाद मैदान पर उतरे वैभव ने लंका के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं:
वैभव सूर्यवंशी: उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रनों की आतिशी पारी खेली। वह भले ही अपने शतक से 6 रन चूक गए, लेकिन अपनी पारी में 10 चौके और 8 छक्के जड़कर उन्होंने श्रीलंका को मैच से बाहर कर दिया।
तिलक वर्मा (कप्तान): कप्तान ने जिम्मेदारी से बल्लेबाजी करते हुए 67 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया और टीम का स्कोर 377 तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।
श्रीलंका की लड़ाई रही नाकाम
378 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका ए की शुरुआत अच्छी नहीं रही, लेकिन मध्यक्रम में दो बल्लेबाजों ने अर्धशतक लगाकर संघर्ष करने की कोशिश की:
वानुजा सहन: उन्होंने सबसे ज्यादा 62 रन बनाए।
सदीरा समरविक्रमा: उन्होंने 52 रनों की पारी खेली।
हालांकि, भारतीय गेंदबाजों के कड़े अनुशासन के सामने पूरी श्रीलंकाई टीम 311 रनों पर ही ढेर हो गई और भारत ने चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया।
दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन (Playing XI):
इंडिया ए: प्रियांश आर्य, वैभव सूर्यवंशी, रुतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), सूर्यांश शेडगे, निशांत सिंधु, अनुकूल रॉय, विप्रज निगम, अशोक शर्मा, यश ठाकुर।
श्रीलंका ए: निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, नुवानिदु फर्नांडो, सदीरा समरविक्रमा, सहान अराचिगे (कप्तान), रविंदु फर्नांडो, वानुजा सहान, मोहम्मद शिराज, विजयकांत वियास्कंथ, दुलज समुदिथा, कुगथास मथुलन।
