महाराष्ट्र सियासत: शिवसेना (यूबीटी) की बगावत में नया ट्विस्ट, सांसद निंबालकर ने उद्धव ठाकरे को किया फोन; बोले- ‘सोमवार को आऊंगा मातोश्री’
महाराष्ट्र सियासत: शिवसेना (यूबीटी) की बगावत में नया ट्विस्ट, सांसद निंबालकर ने उद्धव ठाकरे को किया फोन; बोले- ‘सोमवार को आऊंगा मातोश्री’
मुंबई: महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के भीतर सांसदों की संभावित बगावत और टूट की खबरों के बीच एक बड़ा मोड़ सामने आया है। पार्टी के 6 बागी लोकसभा सांसदों में से एक, धाराशिव से सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर को लेकर संशय और गहरा गया है। एक तरफ जहां उनके पाला बदलने की चर्चाएं तेज थीं, वहीं अब खबर है कि उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की है और सोमवार को उनसे मिलने ‘मातोश्री’ आने का एलान किया है।
निंबालकर के बयानों से बढ़ा सस्पेंस
शनिवार और रविवार के बीच सांसद ओमप्रकाश निंबालकर के विरोधाभासी बयानों ने राजनीतिक हलकों में कन्फ्यूजन काफी बढ़ा दिया है:
वोटरों से सलाह की बात: रविवार को पुणे से धाराशिव रवाना होने से पहले निंबालकर ने कहा था कि वह अपनी आगे की राजनीतिक राह का फैसला अपने मतदाताओं और वोटरों से सलाह-मशविरा करने के बाद ही करेंगे।
पार्टी फंडिंग पर उठाए सवाल: इसके बाद उन्होंने अपनी ही पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि शिवसेना (यूबीटी) से मिली चुनाव फंडिंग नाकाफी थी जिसके कारण हम हार गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी फंड के मामले में सहयोग नहीं कर रही है।
उद्धव से फोन पर बातचीत: “आपने ही मुझे बड़ा किया”
फंडिंग पर नाराजगी जताने के बाद, सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि शनिवार रात को निंबालकर ने खुद उद्धव ठाकरे को फोन लगाया। इस बातचीत के दौरान उन्होंने उद्धव को भरोसा दिलाते हुए कहा, “आपने ही मुझे बड़ा किया है और आज मैं पार्टी और आपकी वजह से ही सांसद हूं। मैं पूरी तरह से पार्टी के साथ हूं और कोई अलग फैसला नहीं लिया है।” इस बातचीत के बाद ठाकरे गुट को उम्मीद जगी है कि निंबालकर पाला नहीं बदलेंगे।
संजय राउत का दावा: दो बागी सांसद संपर्क में
इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) के फायरब्रांड नेता और सांसद संजय राउत ने भी डैमेज कंट्रोल के बीच एक बड़ा दावा किया है। राउत के अनुसार, बगावत की राह पर चल रहे 6 सांसदों में से कम से कम दो सांसद लगातार उनके संपर्क में हैं और वे पार्टी में ही बने रहेंगे।
आगे की राह: उद्धव ठाकरे द्वारा बागी सांसदों के क्षेत्रों में 27 जून से किए जाने वाले दौरों से ठीक पहले निंबालकर का यह रुख काफी अहम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें सोमवार को मातोश्री में होने वाली निंबालकर और उद्धव ठाकरे की मुलाकात पर टिकी हैं, जिससे साफ होगा कि वह एकनाथ शिंदे गुट में जाएंगे या उद्धव के साथ ही रहेंगे।
