Monday, June 22, 2026
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महाराष्ट्र में उद्धव को सबसे बड़ा झटका: सांसद ओमराजे निंबालकर शिंदे गुट में शामिल; उद्धव बोले- ‘मुझसे टिकट देने में गलती हुई’

महाराष्ट्र में उद्धव को सबसे बड़ा झटका: सांसद ओमराजे निंबालकर शिंदे गुट में शामिल; उद्धव बोले- ‘मुझसे टिकट देने में गलती हुई’

​मुंबई/धाराशिव: महाराष्ट्र की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (यूबीटी) को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। धाराशिव से लोकसभा सांसद ओमराजे निंबालकर ने आखिरकार तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की औपचारिक घोषणा कर दी है। इसके साथ ही महाराष्ट्र में जारी ‘ऑपरेशन टाइगर’ का पहला बड़ा नतीजा सामने आ गया है।

​”जनता के कामों के लिए सत्ता जरूरी, लेकिन मातोश्री पर न बोलें अपशब्द”

​सांसद ओमराजे निंबालकर ने धाराशिव में अपने कार्यकर्ताओं और करीबी सहयोगियों के साथ एक अहम बैठक करने के बाद यह बड़ा फैसला लिया। उन्होंने शिंदे गुट में जाने की वजह साफ करते हुए कहा:

​विकास कार्यों में रुकावट: स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी कार्यकर्ताओं को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा था। सत्ता में न होने के कारण क्षेत्र की आम जनता के विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे थे।

​शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा: जनता के अटके हुए कामों को गति देने के लिए उन्होंने कार्यकर्ताओं की सहमति से एकनाथ शिंदे के साथ जाने का निर्णय लिया है।

​भावुक अपील: निंबालकर ने अपने समर्थकों से अपील की कि वे सत्ता पक्ष के साथ जा रहे हैं और दिखाएंगे कि विकास के लिए सत्ता का इस्तेमाल कैसे होता है। लेकिन, उन्होंने सख्त हिदायत दी कि कोई भी कार्यकर्ता ‘मातोश्री’ (ठाकरे परिवार के आवास) को लेकर किसी भी प्रकार के अपशब्द या गलत भाषा का प्रयोग नहीं करेगा।

​’ऑपरेशन टाइगर’ हुआ सफल: शिंदे-फडणवीस के दावे सच साबित हुए

​ओमराजे निंबालकर की इस घोषणा ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के उन दावों पर मुहर लगा दी है, जो उन्होंने हाल ही में किए थे।

​एकनाथ शिंदे का बयान: शिंदे ने पहले ही साफ कर दिया था कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत जल्द ही बड़ी ब्रेकिंग न्यूज मिलेगी क्योंकि वे कोई भी ऑपरेशन अधूरा नहीं छोड़ते।

​देवेंद्र फडणवीस का तंज: सीएम फडणवीस ने भी चुटकी लेते हुए कहा था कि ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और बॉडी सलामत है।

​मुंबई में गरजे उद्धव ठाकरे: “गद्दारों के गढ़ में जाकर लूंगा सभाएं”

​इस बगावत के बाद शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी मोर्चा संभाल लिया है। आज ही मुंबई के भांडुप (ईशान्य मुंबई लोकसभा क्षेत्र) में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे का दर्द और गुस्सा साफ दिखाई दिया। यह वही क्षेत्र है जहां के सांसद संजय दीना पाटिल भी बागी हो चुके हैं।

​गलती का अहसास: उद्धव ठाकरे ने जनता के सामने स्वीकार किया, “मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई कि मैंने ऐसे व्यक्ति (संजय दीना पाटिल) को टिकट दिया और उसे जितवाने में अपनी पूरी ताकत लगा दी।”

​ठाकरे का पलटवार प्लान: उद्धव ठाकरे ने अब बागियों को उनके ही घर में घेरने की रणनीति तैयार की है। उन्होंने एलान किया है कि वे अब हर उस बागी सांसद के जिले और क्षेत्र में खुद जाएंगे, जनसभाएं करेंगे और सीधे शिवसैनिकों (जमीनी कार्यकर्ताओं) से मिलकर संवाद करेंगे।

​सियासी मायने: ओमराजे निंबालकर की औपचारिक विदाई के बाद अब उद्धव गुट के बाकी बचे बागी सांसदों पर भी नजरें टिक गई हैं। महाराष्ट्र चुनाव से ठीक पहले सांसदों का यह पाला बदलना उद्धव ठाकरे के लिए बेहद आत्मघाती और महायुति (शिंदे-भाजपा-अजीत पवार) के लिए एक बड़ी मनोवैज्ञानिक बढ़त साबित होने वाला है।

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