राजनीति

SIR पर भड़के अखिलेश: ‘सपा का वोट काटने की साजिश’, महोबा पानी टंकी दरकने पर कसा तंज – ‘भ्रष्टाचार का बोझ न उठा पाई टंकी’!

SIR पर भड़के अखिलेश: ‘सपा का वोट काटने की साजिश’, महोबा पानी टंकी दरकने पर कसा तंज – ‘भ्रष्टाचार का बोझ न उठा पाई टंकी’!

लखनऊ/महोबा: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजनीतिक तापमान बढ़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया पर जमकर भड़कते हुए भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव से पहले फर्जी हस्ताक्षरों से फॉर्म-7 भरकर सपा के समर्थकों के वोट काटने की साजिश रची जा रही है। अखिलेश ने इसे ‘मतदाता सूची में धांधली’ करार दिया और कहा कि भाजपा जानबूझकर विपक्षी वोटरों को निशाना बना रही है, खासकर मुस्लिम और सपा के मजबूत आधार वाले इलाकों में।

इस बीच, महोबा जिले के जैतपुर ब्लॉक के नगारा डांग गांव में जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर बनी पानी की टंकी पहली बार भरते ही दरक गई और लीकेज होने लगी। टंकी की दीवारों से पानी बहने लगा, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे। इस घटना पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर तीखा तंज कसा और लिखा:

“महोबा में भाजपा के भ्रष्टाचार के बोझ को न उठा पायी पानी की टंकी। यहां बुलडोजर नहीं चलेगा क्योंकि भ्रष्टाचार की पाइप लाइन महोबा से लखनऊ तक, जलापूर्ति की जगह धनापूर्ति कर रही है। ये ‘जल मिशन’ नहीं, ‘कमीशन-मिशन’ है। भाजपा जाए तो पानी मिल पाए!”

अखिलेश ने आगे कहा कि यूपी में भ्रष्टाचार चरम पर है – पानी की टंकियां भी इसके भार को नहीं सह पा रही हैं। जैसे ही पानी भरा जाता है, टंकियां भरभराकर गिर जाती हैं या दरक जाती हैं। यह टिप्पणी जल जीवन मिशन पर सरकार की नीतियों पर सीधा हमला है।

मुख्य बिंदु:

SIR पर आरोप: अखिलेश ने कहा कि फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर सपा समर्थकों के नाम कटवाए जा रहे हैं – यह चुनावी धांधली है।

महोबा घटना: टंकी करोड़ों की लागत से बनी, लेकिन गुणवत्ता खराब होने से दरक गई। ग्रामीणों को पानी की समस्या बनी हुई है।

अखिलेश का तंज: ‘भ्रष्टाचार की पाइपलाइन’ और ‘कमीशन मिशन’ कहकर योगी सरकार को घेरा।

विपक्षी नेता इसे 2027 चुनाव की तैयारी बता रहे हैं, जबकि भाजपा इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दे रही है।

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