असम कांग्रेस के लिए राहत की खबर: भूपेन बोरा ने वापस लिया इस्तीफा, हिमंता ने दिया था बीजेपी में आने का ऑफर!
असम कांग्रेस के लिए राहत की खबर: भूपेन बोरा ने वापस लिया इस्तीफा, हिमंता ने दिया था बीजेपी में आने का ऑफर!
गुवाहाटी: असम कांग्रेस को बड़ा संकट टल गया! पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता भूपेन कुमार बोरा ने सोमवार (16 फरवरी 2026) को पार्टी से दिया इस्तीफा कुछ ही घंटों बाद वापस ले लिया। सुबह उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इस्तीफा भेजा था, जिसमें पार्टी में ‘अनदेखी’, सम्मान न मिलने और आंतरिक कलह का जिक्र किया था। लेकिन पार्टी हाईकमान के हस्तक्षेप, राहुल गांधी की फोन कॉल और असम कांग्रेस प्रमुख गौरव गोगोई की मुलाकात के बाद बोरा ने यू-टर्न ले लिया।
कांग्रेस के असम प्रभारी जितेंद्र सिंह ने पुष्टि की कि बोरा का इस्तीफा वापस ले लिया गया है और पार्टी ने इसे स्वीकार नहीं किया था। गौरव गोगोई ने बोरा से माफी मांगी और कहा कि अगर उन्हें कुछ बुरा लगा तो इसके लिए खेद है। बोरा ने भी पत्रकारों से कहा कि अब वे पार्टी में बने रहेंगे और फैसला बदल लिया है। यह फैसला असम विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले कांग्रेस के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि बोरा जैसे अनुभवी नेता का जाना पार्टी को कमजोर कर सकता था।
क्या हुआ था?
बोरा ने 32 साल की पार्टी सेवा के बाद ‘आत्मसम्मान’ के लिए इस्तीफा दिया।
इस्तीफे में हाईकमान पर ‘इग्नोर’ करने और असम इकाई में अधिकार न देने का आरोप।
असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए बोरा को बीजेपी में आने का खुला ऑफर दिया। सरमा ने कहा, “भूपेन बोरा असम कांग्रेस के आखिरी हिंदू नेता थे जो परिवारवाद से बाहर आए थे। उनका इस्तीफा प्रतीकात्मक है – कांग्रेस में सामान्य व्यक्ति आगे नहीं बढ़ सकता। बीजेपी के दरवाजे खुले हैं, सुरक्षित सीट से चुनाव लड़वाएंगे।”
हिमंता ने आगे कहा कि कांग्रेस की स्थिति ‘grim’ (भयावह) है और और कई नेता जल्द पार्टी छोड़ सकते हैं। लेकिन बोरा के इस्तीफा वापस लेने से कांग्रेस ने डैमेज कंट्रोल कर लिया।
असम कांग्रेस की स्थिति:
चुनाव से पहले आंतरिक कलह टल गई।
बोरा अब पार्टी में सक्रिय रहेंगे, गठबंधन बनाने की जिम्मेदारी भी थी।
सोशल मीडिया पर #BhupenBora और #AssamCongress ट्रेंड कर रहे हैं – समर्थक राहत महसूस कर रहे हैं।
यह नाटकीय घटनाक्रम दिखाता है कि असम में राजनीति कितनी तेज बदल रही है। कांग्रेस ने संकट टाला, लेकिन बीजेपी का हमला जारी रहेगा। क्या बोरा अब पार्टी को मजबूत कर पाएंगे? समय बताएगा!
