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शेयर बाजार में आज ‘फ्राइडे द 13th’ का कहर: सेंसेक्स 800+ अंक टूटा, निफ्टी 25,600 के नीचे, निवेशकों के ₹4-7 लाख करोड़ डूबे!

शेयर बाजार में आज ‘फ्राइडे द 13th’ का कहर: सेंसेक्स 800+ अंक टूटा, निफ्टी 25,600 के नीचे, निवेशकों के ₹4-7 लाख करोड़ डूबे!

नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को भारी तबाही मची। ‘फ्राइडे द 13th’ का असर दिखा या वैश्विक संकेत, लेकिन बाजार में हाहाकार मचा रहा। बीएसई सेंसेक्स करीब 800-900 अंक टूटकर 82,800-83,000 के आसपास घूम रहा था, जबकि एनएसई निफ्टी 200-300 अंकों की गिरावट के साथ 25,550-25,600 के नीचे फिसल गया।

मुख्य आंकड़े (दोपहर तक के अपडेट्स के आधार पर):

सेंसेक्स: 800-850 अंक नीचे (लगभग 1% गिरावट), स्तर ~82,800-82,900

निफ्टी: 250-300 अंक गिरकर ~25,550 के आसपास

बाजार कैपिटलाइजेशन में ₹4-7 लाख करोड़ तक का नुकसान (कुछ रिपोर्ट्स में ₹4.62 लाख करोड़ से ₹7 लाख करोड़ तक बताया गया)

तबाही की मुख्य वजहें:

आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली: टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक, विप्रो जैसे बड़े आईटी स्टॉक्स 5-6% तक टूटे। निफ्टी आईटी इंडेक्स 5% से ज्यादा गिरा।

ग्लोबल टेक सेलऑफ और AI पैनिक: अमेरिकी बाजारों (नास्डैक) में AI स्टॉक्स की गिरावट का असर भारत पर पड़ा। निवेशकों में AI-डिसरप्शन का डर।

वैश्विक कमजोरी: एशियाई बाजार लाल, अमेरिकी बाजार गुरुवार को टूटकर बंद हुए।

प्रॉफिट बुकिंग: पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद सभी सेक्टर्स में बिकवाली, खासकर रियल्टी, मेटल और बैंकिंग में भी दबाव।

गिफ्ट निफ्टी ने भी कमजोर ओपनिंग का संकेत दिया था (142-200 अंकों की गिरावट)।

कुछ बड़े लूजर्स (दिन के दौरान):

टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक: 5-6% गिरावट

अन्य आईटी और टेक स्टॉक्स: भारी नुकसान

रियल्टी और मेटल सेक्टर: 2% तक गिरे

एक्सपर्ट्स का कहना:

यह गिरावट वैश्विक AI ट्रेड के अनवाइंडिंग का हिस्सा है, जो भारत के लिए लंबे समय में पॉजिटिव हो सकता है क्योंकि भारत AI में पिछड़ा हुआ है। लेकिन शॉर्ट टर्म में पैनिक और वोलेटिलिटी रहेगी। सपोर्ट लेवल: निफ्टी 25,500-25,600, रेजिस्टेंस 26,000।

यह लगातार दूसरा दिन है जब बाजार में भारी गिरावट देखी गई (गुरुवार को भी सेंसेक्स 558 अंक, निफ्टी 146 अंक टूटा था)। निवेशकों में घबराहट है, लेकिन एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि यह करेक्शन है, क्रैश नहीं। आगे की चाल Q4 अर्निंग्स, ग्लोबल संकेतों और FII फ्लो पर निर्भर।

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