दलाई लामा ने जेफरी एपस्टीन से संबंध वाली खबरों पर तोड़ी चुप्पी: ‘कभी नहीं मिले, कोई मुलाकात नहीं हुई’ – कार्यालय ने सभी दावों को बताया निराधार
दलाई लामा ने जेफरी एपस्टीन से संबंध वाली खबरों पर तोड़ी चुप्पी: ‘कभी नहीं मिले, कोई मुलाकात नहीं हुई’ – कार्यालय ने सभी दावों को बताया निराधार
तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा के कार्यालय ने जेफरी एपस्टीन से जुड़ी हालिया खबरों और सोशल मीडिया पोस्ट्स पर चुप्पी तोड़ते हुए साफ-साफ इनकार किया है। हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) द्वारा जारी ‘एपस्टीन फाइल्स’ में दलाई लामा का नाम कम से कम 169 बार (कुछ रिपोर्ट्स में 157-168 बार) आने की खबरों के बाद विवाद खड़ा हो गया था। इन फाइल्स में ईमेल्स, डॉक्यूमेंट्स और अन्य रेफरेंस में उनका नाम आया, जिसमें 2012 की एक ईमेल में एपस्टीन ने किसी द्वीप इवेंट में दलाई लामा के आने की बात कही थी।
दलाई लामा के कार्यालय ने 8 फरवरी 2026 को जारी प्रेस स्टेटमेंट में कहा, “कुछ हालिया मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स ‘एपस्टीन फाइल्स’ का हवाला देकर परम पावन दलाई लामा को जेफरी एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। हम स्पष्ट रूप से पुष्टि करते हैं कि परम पावन ने कभी जेफरी एपस्टीन से मुलाकात नहीं की है और न ही उन्होंने अपनी ओर से किसी को उनके साथ कोई बैठक या बातचीत करने के लिए अधिकृत किया था।”
यह बयान दलाई लामा के आधिकारिक X अकाउंट और वेबसाइट पर पोस्ट किया गया। कार्यालय ने इन दावों को पूरी तरह भ्रामक, निराधार और तथ्यहीन बताया। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी मुलाकात, लिखित संवाद या फंडिंग का कोई संबंध नहीं है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि नाम का उल्लेख डीपक चोपड़ा जैसे लोगों द्वारा नाम ड्रॉपिंग या असफल मीटिंग प्रयासों के कारण हुआ, लेकिन कोई वास्तविक संपर्क साबित नहीं हुआ।
यह स्पष्टीकरण एपस्टीन फाइल्स के नए बैच रिलीज के बाद आया, जिसमें कई हाई-प्रोफाइल नामों का जिक्र है। दलाई लामा के कार्यालय ने कहा कि ऐसी अफवाहें उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस बयान की सराहना कर रहे हैं और इसे ‘साफ-सुथरा इनकार’ बता रहे हैं।
यह घटना दलाई लामा की छवि पर कोई असर नहीं डाल पाई, क्योंकि उनके कार्यालय ने तुरंत और मजबूती से जवाब दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि फाइल्स में नाम आना जरूरी नहीं कि कोई गलत काम दर्शाता हो – कई बार ये सिर्फ नाम ड्रॉपिंग या अनसक्सेसफुल प्लान्स होते हैं।
