बजट 2026 में शिक्षा को मिली बड़ी सौगातें: 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल और कंटेंट क्रिएटर लैब्स का ऐलान
बजट 2026 में शिक्षा को मिली बड़ी सौगातें: 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल और कंटेंट क्रिएटर लैब्स का ऐलान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज पेश किए गए संघ बजट 2026-27 में शिक्षा और स्किलिंग सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाने, लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और क्रिएटिव स्किल्स को मुख्यधारा में लाने पर खास फोकस रहा। शिक्षा क्षेत्र के लिए कुल आवंटन बढ़ाकर करीब ₹1.28-1.4 लाख करोड़ किया गया, जो पिछले साल से उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है।
5 नए यूनिवर्सिटी टाउनशिप
सरकार ने प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। ये टाउनशिप एकीकृत कैंपस होंगे, जहां विश्वविद्यालय, रिसर्च सेंटर, हॉस्टल, स्किल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री लिंकेज एक साथ होंगे। उद्देश्य है academia-industry को मजबूत करना, रिसर्च को बढ़ावा देना और रोजगार-उन्मुख शिक्षा प्रदान करना। ये टाउनशिप राज्यों के सहयोग से बनेंगी और उच्च शिक्षा में नए अवसर पैदा करेंगी।
हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल
लड़कियों की उच्च शिक्षा में बाधाओं को दूर करने के लिए हर जिले में कम से कम एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने का बड़ा ऐलान किया गया। यह विशेष रूप से STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथ्स) क्षेत्रों में छात्राओं के लिए फायदेमंद होगा, जहां लंबे लैब वर्क और स्टडी के कारण रिहायशी सुविधाएं चुनौतीपूर्ण होती हैं। viability gap funding (VGF) या कैपिटल सपोर्ट से ये हॉस्टल बनेंगे, जिससे ग्रामीण और दूरदराज इलाकों की लड़कियां भी उच्च शिक्षा तक पहुंच सकेंगी। देश में 700+ जिलों में यह योजना लागू होगी।
कंटेंट क्रिएटर लैब्स
डिजिटल और क्रिएटिव इकोनॉमी (ऑरेंज इकोनॉमी) को बूस्ट देने के लिए Indian Institute of Creative Technologies, Mumbai को सपोर्ट देकर AVGC (Animation, Visual Effects, Gaming, Comics) कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने का प्रस्ताव है। ये लैब्स 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में लगेंगी। AVGC सेक्टर में 2030 तक 20 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत बताई गई है, और ये लैब्स छात्रों को कंटेंट क्रिएशन, एनिमेशन, गेमिंग जैसी नई स्किल्स सिखाएंगी।
ये घोषणाएं NEP 2020 के अनुरूप हैं, जो शिक्षा को समावेशी, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन और रोजगार-उन्मुख बनाने पर जोर देती हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे लड़कियों की भागीदारी बढ़ेगी, क्रिएटिव जॉब्स पैदा होंगे और युवाओं को फ्यूचर-रेडी स्किल्स मिलेंगी।
