30 अप्रैल या 1 मई, किस दिन है बुद्ध पूर्णिमा? जानें चांद निकलने का सटीक समय
30 अप्रैल या 1 मई, किस दिन है बुद्ध पूर्णिमा? जानें चांद निकलने का सटीक समय
इस साल बुद्ध पूर्णिमा (वैशाख पूर्णिमा) को लेकर लोगों के मन में कन्फ्यूजन है कि इसे 30 अप्रैल को मनाया जाए या 1 मई को। हिंदू पंचांग और उदया तिथि के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा 1 मई 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी।
पूर्णिमा तिथि का समय (IST):
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 30 अप्रैल 2026, रात 9:12 बजे (कुछ पंचांग में 9:13 या 9:15 बजे)
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 1 मई 2026, रात 10:52 बजे (कुछ स्रोतों में 10:55 बजे तक)
चूंकि धार्मिक व्रत, पूजा और उत्सव उदया तिथि (सूर्योदय के समय prevailing तिथि) के आधार पर मनाए जाते हैं, इसलिए 1 मई को सुबह पूर्णिमा तिथि बनी रहेगी। इस कारण बुद्ध पूर्णिमा का मुख्य दिन 1 मई 2026 है।
चांद निकलने का सटीक समय (चंद्रोदय):
1 मई 2026 को चंद्रोदय: शाम 6:52 बजे (लगभग 6:52 PM IST)
नोट: चंद्रोदय का समय जगह के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है। उत्तर प्रदेश (मोरादाबाद, लखनऊ, प्रयागराज आदि) में यह समय शाम 6:50 से 6:55 बजे के बीच रहेगा। पूजा-अर्चना और चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए चंद्रोदय के बाद का समय सबसे उत्तम माना जाता है।
बुद्ध पूर्णिमा का महत्व:
यह दिन भगवान गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति (बोधगया) और महापरिनिर्वाण (कुशीनगर) का त्रिवेणी पर्व है। बौद्ध भिक्षु और अनुयायी इस दिन विशेष प्रार्थना, ध्यान और दान-पुण्य करते हैं। हिंदू परंपरा में इसे वैशाख पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है।
शुभ मुहूर्त (1 मई 2026):
स्नान-दान और पूजा के लिए सुबह का समय विशेष रूप से शुभ रहता है।
चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
सुझाव: सटीक स्थानीय चंद्रोदय समय जानने के लिए DrikPanchang या स्थानीय पंचांग ऐप चेक करें, क्योंकि थोड़ी भिन्नता शहर के हिसाब से हो सकती है।
इस पावन अवसर पर शांति, करुणा और बुद्ध के उपदेशों का स्मरण करें। बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!
