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अब पर्स में आधार कार्ड रखने का झंझट खत्म! Google Wallet में ऐसे करें सेव, जानें पूरा प्रोसेस

अब पर्स में आधार कार्ड रखने का झंझट खत्म! Google Wallet में ऐसे करें सेव, जानें पूरा प्रोसेस

​डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए Google ने भारतीय यूजर्स के लिए एक शानदार सुविधा पेश की है। अब आपको अपनी जेब या पर्स में फिजिकल आधार कार्ड लेकर घूमने की जरूरत नहीं होगी। Google ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के साथ हाथ मिलाया है, जिससे अब आप अपने आधार को सीधे Google Wallet में सुरक्षित रूप से स्टोर कर सकेंगे।

​क्यों खास है यह फीचर?

​गूगल वॉलेट में आधार सेव होने से न केवल आपकी पहचान बताने का तरीका बदलेगा, बल्कि यह सुरक्षा के लिहाज से भी काफी मजबूत है।

​आसान वेरिफिकेशन: एयरपोर्ट एंट्री, होटल चेक-इन या सरकारी कामों के लिए अब सिर्फ फोन दिखाना काफी होगा।

​वेरिफाएबल क्रेडेंशियल: यह केवल फोटो नहीं, बल्कि एक डिजिटल क्रेडेंशियल है जिसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से वेरिफाई किया जा सकता है।

​सुरक्षा की गारंटी: आपका आधार डेटा फोन में एन्क्रिप्टेड फॉर्मेट में सेव रहता है, जिसे बिना आपकी अनुमति के एक्सेस नहीं किया जा सकता।

​स्टेप-बाय-स्टेप: Google Wallet में कैसे जोड़ें आधार?

​अगर आप भी इस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करें:

​ऐप अपडेट करें: सबसे पहले प्ले स्टोर से Google Wallet का लेटेस्ट वर्जन डाउनलोड या अपडेट करें।

​Add to Wallet: ऐप खोलें और होम स्क्रीन पर दिख रहे ‘+’ या ‘Add to Wallet’ बटन पर टैप करें।

​विकल्प चुनें: मेन्यू में जाकर ‘ID Pass’ या ‘Aadhaar Card’ के विकल्प पर क्लिक करें।

​OTP वेरिफिकेशन: आपको UIDAI के पोर्टल पर रीडायरेक्ट किया जाएगा। वहां अपनी आधार डिटेल्स भरें। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा, जिसे दर्ज करते ही वेरिफिकेशन पूरा हो जाएगा।

​शेयर आईडी (वैकल्पिक): यदि आप अपडेटेड UIDAI ऐप का उपयोग कर रहे हैं, तो वहां से भी ‘Share ID’ के जरिए सीधे Google Wallet में आधार जोड़ सकते हैं।

​एक्सपर्ट की राय

​”डिजिटल आधार का Google Wallet में आना न केवल सुविधा बढ़ाता है, बल्कि फिजिकल कार्ड खोने के जोखिम को भी कम करता है। यूजर्स को बस यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका मोबाइल नंबर UIDAI के साथ अपडेटेड हो ताकि OTP आसानी से प्राप्त हो सके।”

​ध्यान दें: डिजिटल आधार पूरी तरह से वैध है और इसे हर उस जगह स्वीकार किया जाएगा जहां ‘वेरिफाएबल डिजिटल आईडी’ की अनुमति है।

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