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बंगाल विधानसभा चुनाव: 142 सीटों पर वोटिंग के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 3.5 लाख जवान तैनात

बंगाल विधानसभा चुनाव: 142 सीटों पर वोटिंग के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 3.5 लाख जवान तैनात

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में कल 29 अप्रैल 2026 को राज्य की 142 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। पूरे राज्य में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) की भारी तैनाती की गई है, जिसकी कुल संख्या 2.4 लाख से 3.5 लाख जवानों तक बताई जा रही है।

पहले चरण (23 अप्रैल) में 152 सीटों पर मतदान हो चुका है, जहां भी रिकॉर्ड स्तर की सुरक्षा तैनात की गई थी। दूसरे चरण में सुरक्षा और सख्त की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था के प्रमुख इंतजाम

केंद्रीय बलों की तैनाती: CRPF, BSF, CISF, SSB, ITBP सहित CAPF की हजारों कंपनियां तैनात। पहले चरण में ही करीब 2.4 लाख (लगभग 2400 कंपनियां) जवान लगाए गए थे। दूसरे चरण और पूरे चुनाव के लिए कुल संख्या 3 लाख से अधिक (कुछ रिपोर्ट्स में 3.5 लाख) बताई जा रही है — जो 2021 के चुनाव (करीब 1,071 कंपनियां) से दोगुनी से ज्यादा है।

कंस्टीट्यूएंसी-वाइज डिप्लॉयमेंट: हर विधानसभा क्षेत्र में अलग-अलग सुरक्षा प्लान। संवेदनशील और सुपर-सेंसिटिव बूथों पर विशेष ध्यान।

क्षेत्र-प्रभुत्व (Area Domination): आंतरिक गलियों, संवेदनशील मुहल्लों और सीमावर्ती इलाकों में फ्लैग मार्च, पेट्रोलिंग और डोमिनेशन एक्सरसाइज बढ़ाई गई।

100 मीटर ‘लक्ष्मण रेखा’: हर polling station के 100 मीटर के दायरे में सख्ती — CAPF को अंदरूनी सुरक्षा की जिम्मेदारी। राज्य पुलिस बाहरी कानून-व्यवस्था संभालेगी।

मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग: 160 मोटरसाइकिलें (दो-दो जवानों के साथ) हर इलाके में तेज गश्त के लिए।

अन्य तकनीक: AI सर्विलांस, बॉडी कैमरे, आर्मर्ड वाहन और कंट्रोल रूम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग।

पोस्ट-पोल सुरक्षा: मतदान के बाद EVM स्ट्रॉन्ग रूम और काउंटिंग सेंटर की सुरक्षा के लिए सैकड़ों कंपनियां अतिरिक्त तैनात रहेंगी।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट कहा है कि मतदान में बाधा डालने या मतदाताओं को डराने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्यों इतनी भारी सुरक्षा?

2021 के विधानसभा चुनाव के बाद पोस्ट-पोल हिंसा की घटनाएं।

कई क्षेत्रों में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और अतीत की हिंसा की पृष्ठभूमि।

संवेदनशील बूथों की संख्या अधिक, खासकर कुछ जिलों (जैसे मुर्शिदाबाद आदि) में।

चुनाव आयोग का लक्ष्य: भयमुक्त मतदान और फर्जी वोटिंग/बूथ कैप्चरिंग को पूरी तरह रोकना।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

ममता बनर्जी (TMC): भारी केंद्रीय बलों की तैनाती को “डराने की कोशिश” और “अपमान” बताया। कहा कि इतनी फोर्स की क्या जरूरत है?

अरविंद केजरीवाल: “बंगाल के लोग आतंकवादी हैं क्या?” कहकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाया।

बीजेपी: सुरक्षा को जरूरी बताते हुए कहा कि पिछले अनुभव को देखते हुए शांतिपूर्ण चुनाव के लिए यह कदम सही है।

चुनाव का बड़ा चित्र

कुल सीटें: 294

पहले चरण (23 अप्रैल): 152 सीटें

दूसरे चरण (29 अप्रैल): 142 सीटें

मतदान समय: सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक

नतीजे: 4 मई 2026 को

पहले चरण में मतदान प्रतिशत काफी अच्छा रहा था (कुछ रिपोर्ट्स में 91% के आसपास)। दूसरे चरण में भी भारी मतदान की उम्मीद है, खासकर कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में।

नोट: स्थिति बहुत संवेदनशील है। मतदाताओं से अपील है कि वे बिना डर के मतदान करें और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत चुनाव आयोग या सुरक्षा बलों को दें।

यह व्यवस्था 2026 के बंगाल चुनाव को अब तक के सबसे सुरक्षित और निगरानी वाले चुनावों में से एक बना रही है। आगे की अपडेट के लिए आधिकारिक चुनाव आयोग और विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर नजर रखें।

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