सावधान! जब पारा छुए 45 पार: जानें कब ‘लू’ बन जाती है जानलेवा, एक्सपर्ट्स ने दी बड़ी चेतावनी
सावधान! जब पारा छुए 45 पार: जानें कब ‘लू’ बन जाती है जानलेवा, एक्सपर्ट्स ने दी बड़ी चेतावनी
जैसे-जैसे गर्मी का ग्राफ बढ़ रहा है, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एक नई और गंभीर चेतावनी जारी की है। अब यह केवल ‘पसीना आने’ वाली गर्मी नहीं रह गई है, बल्कि एक निश्चित तापमान और ह्यूमिडिटी (नमी) के बाद यह मानव शरीर के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
कब खतरनाक हो जाता है मौसम?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब तापमान 40°C से 45°C के बीच पहुंचता है और हवा में नमी बढ़ जाती है, तो शरीर की खुद को ठंडा रखने की क्षमता (पसीना सूखने की प्रक्रिया) कम हो जाती है। इसे ‘वेट बल्ब टेम्परेचर’ की स्थिति कहा जाता है।
हीट स्ट्रोक का खतरा: यदि शरीर का आंतरिक तापमान 104°F (40°C) के पार चला जाए, तो दिमाग और अंगों के फेल होने का खतरा बढ़ जाता है।
साइलेंट किलर: रात के समय तापमान का कम न होना और भी खतरनाक है, क्योंकि इससे शरीर को रिकवर होने का समय नहीं मिलता।
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि आपको या आपके आसपास किसी को ये लक्षण दिखें, तो तुरंत मेडिकल मदद लें:
चक्कर आना या बेहोशी छाना।
पसीना आना अचानक बंद हो जाना (यह सबसे गंभीर संकेत है)।
तेज सिरदर्द और मतली (जी मिचलाना)।
मांसपेशियों में तेज ऐंठन।
बचाव के लिए एक्सपर्ट की सलाह
”दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। यदि निकलना जरूरी हो, तो सिर को गीले कपड़े या टोपी से ढकें और हर 20 मिनट में पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो।” — डॉ. सतीश कुमार, सीनियर फिजिशियन
त्वरित राहत के 3 नियम:
हाइड्रेशन: ओआरएस (ORS), नींबू पानी या नारियल पानी का अधिक सेवन करें।
पहनावा: हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें ताकि हवा का संचार बना रहे।
आहार: कैफीन (चाय-कॉफी) और शराब से बचें, क्योंकि ये शरीर को डिहाइड्रेट करते हैं।
सावधान रहें, सुरक्षित रहें। गर्मी को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है!
