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बजट 2026: हेल्थ, इंफ्रा और डिफेंस पर बड़ा फोकस; वित्त मंत्री के पिटारे से इन सेक्टर्स को मिली ये सौगातें

बजट 2026: हेल्थ, इंफ्रा और डिफेंस पर बड़ा फोकस; वित्त मंत्री के पिटारे से इन सेक्टर्स को मिली ये सौगातें

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज पेश किए गए संघ बजट 2026-27 में इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग जैसे प्रमुख सेक्टर्स को मजबूत बनाने पर जोर दिया। कुल बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) को रिकॉर्ड ₹12.2 लाख करोड़ पर पहुंचाया गया, जो GDP का 4.4% है—अब तक का सबसे ऊंचा स्तर। यह बढ़ोतरी पिछले साल से करीब 9-11.5% अधिक है और इंफ्रा को मुख्य इंजन बनाती है।

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर

कैपेक्स का सबसे बड़ा हिस्सा इंफ्रा पर गया, जिसमें रोड्स, रेलवे, पोर्ट्स और अर्बन डेवलपमेंट शामिल।

7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान (मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी)।

डेडिकेटेड ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर।

सिटी इकोनॉमिक रीजन (CER) के लिए प्रति शहर ₹5,000 करोड़ (5 साल में)।

इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की स्थापना।

कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम से इनलैंड वॉटरवे और कोस्टल शिपिंग का हिस्सा 2047 तक 12% तक बढ़ाने का लक्ष्य।

हेल्थ और बायोफार्मा सेक्टर

स्वास्थ्य मंत्रालय को ₹1.06 लाख करोड़ (करीब ₹1,06,530 करोड़) आवंटित, जो 2014-15 से 194% अधिक।

बायोफार्मा शक्ति मिशन के लिए अगले 5 साल में ₹10,000 करोड़।

17 कैंसर दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटाई (5% से जीरो), साथ ही रेयर डिजीज दवाओं पर ड्यूटी फ्री।

उत्तर भारत में NIMHANS-II और नए मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट्स।

नेशनल हेल्थ मिशन को ₹39,390 करोड़।

डिफेंस सेक्टर

डिफेंस मिनिस्ट्री को रिकॉर्ड ₹7.85 लाख करोड़ (करीब 15% बढ़ोतरी)।

कैपिटल एक्सपेंडिचर ₹2.19 लाख करोड़ (24% बढ़ोतरी), जिसमें कैपिटल एक्विजिशन के लिए ₹1.85 लाख करोड़।

मॉडर्नाइजेशन, नेक्स्ट-जेन फाइटर एयरक्राफ्ट, शिप्स, ड्रोन्स और स्वदेशी उत्पादन पर फोकस।

डिफेंस प्रोडक्शन ₹1.3 लाख करोड़ पार, एक्सपोर्ट्स ₹21,000 करोड़ से ज्यादा।

अन्य प्रमुख सेक्टर्स

एमएसएमई: ₹10,000 करोड़ SME ग्रोथ फंड, चैंपियन एमएसएमई बनाने पर जोर।

मैन्युफैक्चरिंग: 7 स्ट्रैटेजिक सेक्टर्स में स्केल-अप, ISM 2.0, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स के लिए ₹40,000 करोड़, रेयर अर्थ कॉरिडोर।

कुल बजट आकार ₹53.5 लाख करोड़, फिस्कल डेफिसिट 4.3% पर।

यह बजट इंफ्रा-लेड ग्रोथ, सेल्फ-रिलायंस और हेल्थ-सुरक्षा पर केंद्रित है, जो लंबे समय में रोजगार और विकास को बढ़ावा देगा। एक्सपर्ट्स इसे “रिफॉर्म्स ओवर रेटोरिक” का मजबूत संकेत मान रहे हैं।

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