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‘किसी भी आक्रमण का तत्काल जवाब देंगे’, ईरानी राष्ट्रपति ने ट्रंप को दोबारा दी सख्त चेतावनी

‘किसी भी आक्रमण का तत्काल जवाब देंगे’, ईरानी राष्ट्रपति ने ट्रंप को दोबारा दी सख्त चेतावनी

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बार फिर चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “किसी भी हमले का तुरंत जवाब दिया जाएगा”। यह बयान ट्रंप की हालिया धमकी के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर समझौते के लिए “समय तेजी से खत्म हो रहा है” कहा था।

पेजेश्कियान ने तेहरान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं और जमीन, समुद्र या हवा से किसी भी आक्रामक कार्रवाई का “तुरंत और जोरदार” जवाब देने में सक्षम हैं। उन्होंने पिछले साल जून में ईरान-इजरायल संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका का वह हमला (“ऑपरेशन मिडनाइट हैमर”) भारी विनाशकारी था, लेकिन अब ईरान पहले से ज्यादा मजबूत है।

ट्रंप की धमकी और ईरान की प्रतिक्रिया

ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अगर ईरान बिना शर्त परमाणु समझौते पर राजी नहीं होता, तो “अगला हमला इससे कहीं ज्यादा भयानक होगा”। उन्होंने ईरान के आंतरिक प्रदर्शनों को लेकर भी हस्तक्षेप की बात की।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी ट्रंप की चेतावनी पर पलटवार किया, कहा कि अमेरिका के सहयोगियों को भी परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

इस बीच, कई मुस्लिम देश ईरान के साथ खड़े हो गए हैं। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पेजेश्कियान से बात की और कहा कि सऊदी अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए नहीं होने देगा। यूएई, कतर, ओमान और तुर्की ने भी ईरान को सपोर्ट दिया, कहा कि हमला “बड़ी गलती” होगी।

पृष्ठभूमि और प्रभाव

यह तनाव ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय अस्थिरता से जुड़ा है। अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है, जिसमें USS Abraham Lincoln कैरियर ग्रुप शामिल है। ईरान ने जवाब में अपनी मिसाइल डिफेंस को मजबूत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बातचीत नहीं हुई तो युद्ध की आशंका बढ़ सकती है, जो पूरे पश्चिम एशिया को प्रभावित करेगा।

अभी तक ट्रंप प्रशासन की ओर से कोई नया बयान नहीं आया है, लेकिन स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। डिप्लोमेटिक चैनल्स के जरिए बातचीत की कोशिशें जारी हैं।

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