राष्ट्रीय

मौत पर राजनीति करना सही नहीं- अजित पवार के प्लेन क्रैश पर ममता बनर्जी को सीएम फडणवीस का जवाब

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बारामती में हुए प्लेन क्रैश में मौत पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हादसे को संदिग्ध बताते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की थी, जबकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे मौत पर राजनीति करने का मामला करार देते हुए कड़ी आपत्ति जताई है।

घटना का संक्षिप्त विवरण

महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार सुबह एक प्राइवेट चार्टर प्लेन (Learjet 45) क्रैश हो गया। यह विमान मुंबई से बारामती जा रहा था, जिसमें अजित पवार सहित 5 लोग सवार थे। लैंडिंग के दौरान प्लेन रनवे से उतर गया और आग की लपटों में घिर गया, जिसमें सभी की मौत हो गई। DGCA के अनुसार, पायलटों को रनवे दिखाई नहीं दे रहा था, जिसके कारण उन्होंने गो-अराउंड किया लेकिन दूसरी कोशिश में हादसा हो गया। AAIB की टीम जांच में जुटी हुई है।

अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के कद्दावर नेता थे, जो कई बार डिप्टी सीएम रह चुके थे। उनका निधन महाराष्ट्र के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

ममता बनर्जी का बयान

ममता बनर्जी ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वे अजित पवार की मौत से स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा, “देश में आम लोगों से लेकर राजनीतिक नेताओं तक किसी की सुरक्षा नहीं है।” उन्होंने दावा किया कि अजित पवार BJP छोड़ने या महायुति से दूरी बनाने की तैयारी में थे, और इस हादसे को संदिग्ध बताते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि अन्य एजेंसियों पर भरोसा नहीं है।

फडणवीस का जवाब

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ममता बनर्जी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मौत पर राजनीति करना सही नहीं है। किसी की मौत को राजनीति के लिए इस्तेमाल करना दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और घटिया राजनीति है।” फडणवीस ने कहा कि वे दुखी हैं कि ममता दीदी इतने निचले स्तर तक उतर रही हैं। उन्होंने अजित पवार को जमीन से जुड़े लोकप्रिय नेता बताया और कहा कि उनका जाना अपूरणीय क्षति है।

शरद पवार ने भी स्पष्ट किया कि यह शुद्ध हादसा है, इसमें कोई साजिश या राजनीति नहीं होनी चाहिए।

अन्य प्रतिक्रियाएं

पीएम मोदी, अमित शाह, राहुल गांधी सहित कई नेताओं ने शोक जताया।

महाराष्ट्र में 3 दिन का राजकीय शोक घोषित, अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 11 बजे बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ होगा।

बारामती में नेताओं का जमावड़ा लगा हुआ है, जिसमें फडणवीस, शिंदे, राज्यपाल आदि शामिल हैं।

यह घटना महाराष्ट्र की राजनीति पर गहरा असर डाल सकती है, खासकर महायुति गठबंधन और NCP पर।

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