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कराची मॉल अग्निकांड: मौत का आंकड़ा 61 पर पहुंचा, 50 शवों की पहचान के लिए DNA जांच जारी—अब तक सिर्फ 15 की हुई पहचान

कराची मॉल अग्निकांड: मौत का आंकड़ा 61 पर पहुंचा, 50 शवों की पहचान के लिए DNA जांच जारी—अब तक सिर्फ 15 की हुई पहचान

पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में गुल प्लाजा शॉपिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर दिया है। आग की लपटों और धुंए में फंसे लोगों की मौत का आंकड़ा अब 61 तक पहुंच गया है। अधिकारियों ने बुधवार को एक ही दुकान (मेजेनाइन फ्लोर पर स्थित ‘दुबई क्रॉकरी’ शॉप) से 30 शव बरामद किए, जिससे मौतों में अचानक तेज उछाल आया। सिंध प्रांत के डिप्टी कमिश्नर जावेद नबी खोसो और पुलिस के मुताबिक, कुल मौतें 61 अनुमानित हैं, लेकिन अंतिम आंकड़ा DNA जांच पूरी होने के बाद ही पुष्टि होगा।

आग शनिवार रात (17-18 जनवरी) बेसमेंट में लगी और तेजी से पूरे तीन मंजिला कॉम्प्लेक्स में फैल गई। इसमें करीब 1,200 परिवारिक दुकानें थीं, जहां शादी के कपड़े, खिलौने, बर्तन आदि बिकते हैं। आग बुझाने में 36 घंटे से ज्यादा लगे, और अब भी मलबे में सर्च ऑपरेशन जारी है। रेस्क्यू टीमों ने अब तक 50 से ज्यादा शव और मानव अवशेष बरामद किए हैं, लेकिन ज्यादातर शव इतने झुलसे हुए हैं कि पहचान मुश्किल हो गई है।

DNA जांच की स्थिति

पुलिस सर्जन डॉ. समिया सैयद ने पुष्टि की कि 50 शवों और अवशेषों का पोस्टमॉर्टम पूरा हो चुका है।

सिंध फॉरेंसिक DNA लेबोरेटरी में जांच जारी है।

अब तक 8 शवों की DNA से पहचान हुई, कुल 15 शवों की पहचान हो पाई है।

50 से ज्यादा परिवारों ने DNA सैंपल दिए हैं।

कई मामलों में सिर्फ हड्डियां या बॉडी पार्ट्स मिले हैं, जिससे जांच जटिल हो गई है।

कई लोग अब भी लापता

अधिकारियों के अनुसार, 70 से 85 लोग अब भी लापता हैं, और ज्यादातर को मृत मान लिया गया है। रेस्क्यू में देरी, इमारत का अस्थिर होना और आग की तीव्रता के कारण सर्च धीमा है। परिजन रेस्क्यू ऑपरेशन की धीमी गति की आलोचना कर रहे हैं।

आग का कारण और सुरक्षा चूक

आग का सटीक कारण अभी जांच के अधीन है। गवाहों के मुताबिक, आग तेजी से फैली क्योंकि:

फायर एग्जिट काम नहीं कर रहे थे।

दुकानों में भीड़ और सामान ठुंसा हुआ था।

स्प्रिंकलर सिस्टम या फायर अलार्म की कमी।

यह कराची का 2012 के बाद सबसे घातक आग हादसा है (जब एक इंडस्ट्रियल साइट में 260 से ज्यादा मौतें हुई थीं)। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने जांच का आदेश दिया है और मुआवजे का ऐलान किया है।

यह त्रासदी पाकिस्तान में सुरक्षा मानकों की खामियों को फिर उजागर कर रही है। परिवारों का दर्द और इंतजार जारी है—DNA रिपोर्ट्स आने तक कई मां-बाप, भाई-बहन अपने अपनों की एक झलक के लिए तरस रहे हैं। क्या पाकिस्तान अब जागेगा, या फिर ऐसी त्रासदियां दोहराई जाएंगी?

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