OnePlus CEO पीट लाउ के खिलाफ ताइवान ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट: क्या होगी जेल? वजह है अवैध भर्ती का बड़ा स्कैंडल!
OnePlus CEO पीट लाउ के खिलाफ ताइवान ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट: क्या होगी जेल? वजह है अवैध भर्ती का बड़ा स्कैंडल!
चीनी स्मार्टफोन ब्रांड OnePlus के CEO और को-फाउंडर पीट लाउ (Pete Lau) अब बड़े कानूनी संकट में फंस गए हैं। ताइवान के शिलिन डिस्ट्रिक्ट प्रॉसीक्यूटर्स ऑफिस ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। वजह जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे—कंपनी पर आरोप है कि उन्होंने ताइवान में 70 से ज्यादा इंजीनियर्स की अवैध भर्ती की, बिना सरकारी मंजूरी के!
क्या हुआ था पूरा मामला?
2014 से शुरू हुई ये कथित अवैध गतिविधि: OnePlus ने एक हॉन्गकॉन्ग में शेल कंपनी बनाई (जिसका नाम अलग था), फिर 2015 में ताइवान में उसकी ब्रांच खोली—बिना ताइवान सरकार की अनुमति के।
इस ब्रांच के जरिए 70+ ताइवानी इंजीनियर्स को हायर किया गया, जो OnePlus के स्मार्टफोन सॉफ्टवेयर ऐप्स के R&D, वेरिफिकेशन और टेस्टिंग पर काम करते थे।
आरोप है कि ये सब क्रॉस-स्ट्रेट एक्ट (ताइवान-चीन संबंधों को नियंत्रित करने वाला कानून) का उल्लंघन है, जिसका मकसद ताइवान की टेक्नोलॉजी और टैलेंट को चीन में ट्रांसफर होने से रोकना है।
दो ताइवानी नागरिकों (जिन्होंने लाउ की मदद की) को इंडिक्ट भी किया गया है।
ताइवान सरकार पिछले कुछ सालों से चीन की कंपनियों द्वारा अपने टेक टैलेंट को ‘पोच’ करने पर सख्त हो गई है, खासकर सेमीकंडक्टर और मोबाइल टेक सेक्टर में। ये वारंट इसी क्रैकडाउन का हिस्सा है।
पीट लाउ और OnePlus का रिएक्शन?
पीट लाउ ने अभी तक कोई कमेंट नहीं किया है।
OnePlus ने बयान जारी कर कहा कि कंपनी के बिजनेस ऑपरेशंस नॉर्मल हैं और इस केस से कोई असर नहीं पड़ा है।
कंपनी का हेडक्वार्टर शेनझेन (चीन) में है, और OnePlus खुद को Oppo से अलग बताती है (हालांकि दोनों में शेयरिंग है)।
क्या जेल जाएंगे पीट लाउ?
अभी सिर्फ वारंट जारी हुआ है, गिरफ्तारी नहीं हुई।
चीन और ताइवान के बीच कोई एक्सट्राडिशन ट्रीटी नहीं है, इसलिए अगर लाउ ताइवान या किसी ऐसे देश में नहीं जाते जहां ताइवान का प्रभाव हो, तो गिरफ्तारी मुश्किल है।
लेकिन ये मामला कंपनी की रिपुटेशन और इंटरनेशनल ऑपरेशंस पर असर डाल सकता है।
ये घटना चीन-ताइवान टेक टेंशन को और उजागर करती है। OnePlus के फैंस और इंडस्ट्री अब इंतजार कर रही है कि कंपनी आगे क्या कदम उठाती है। क्या ये सिर्फ कानूनी झंझट है या बड़ा स्कैंडल बनेगा? अपडेट्स का इंतजार रहेगा!
