उत्तराखंड: नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क में 5 दिन से धधक रही भीषण आग, वन विभाग ने वायु सेना से मांगी मदद
उत्तराखंड: नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क में 5 दिन से धधक रही भीषण आग, वन विभाग ने वायु सेना से मांगी मदद
उत्तराखंड के चमोली जिले में नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के बफर जोन में लगी आग 5 दिनों से लगातार धधक रही है। विश्व धरोहर स्थल फूलों की घाटी से सटे इस क्षेत्र में आग ने वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचाया है, और दुर्लभ वन्यजीवों पर खतरा बढ़ गया है। शुष्क मौसम और ठंड के बावजूद आग नहीं थम रही, जिसके कारण वन विभाग ने आपदा प्रबंधन विभाग को पत्र लिखकर भारतीय वायु सेना से हेलीकॉप्टर की मदद मांगी है।
आग की स्थिति और प्रभाव
आग पुलना और भ्यूंडार (गोविंदघाट रेंज) के पहाड़ों और जंगलों में फैली हुई है। थैंग गांव के आसपास धुआं छाया हुआ है।
एक महीने के भीतर यह दूसरी बार आग लगी है, जिससे लाखों की वन संपदा राख हो चुकी है।
आग काफी ऊंचाई वाले दुर्गम इलाके में है, जहां सड़कें बर्फ और पाले से बंद हैं। वनकर्मी पहुंचने में देरी हो रही है, और मैन्युअल तरीके से आग बुझाना मुश्किल हो गया है।
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, जहां हिमालयी भालू, तेंदुआ, कस्तूरी मृग, हिमालयी ताहर और दुर्लभ ब्रह्मकमल जैसे पौधे पाए जाते हैं। आग से इनकी सुरक्षा को खतरा है।
प्रशासन की कार्रवाई
जिला मजिस्ट्रेट गौरव कुमार ने पुष्टि की कि फूलों की घाटी के पीछे के पर्वतों में आग लगी है। वन विभाग की चुनौतियों को देखते हुए वायु सेना से हेलीकॉप्टर द्वारा पानी गिराने की मदद मांगी गई है।
वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन के नोडल अधिकारी सीसीएफ सुशांत कुमार पटनायक ने बताया कि आग विकराल रूप ले चुकी है और ऊंचाई वाले क्षेत्र में फैली है। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि वायु सेना की मदद से ही काबू पाया जा सकता है।
पार्क प्रशासन ने विभागीय टीम भेजी है, लेकिन रास्ते बंद होने से देरी हो रही है।
कारण और चिंता
शुष्क मौसम, कम बारिश/बर्फबारी और मानवजनित कारणों से सर्दियों में भी जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ रही हैं।
उत्तराखंड में ठंड, कोहरा और जंगलों की आग से आम जनजीवन, खेती और वन्यजीव प्रभावित हो रहे हैं। IMD ने 16 जनवरी तक मैदानी इलाकों में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है।
यह आग नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व की पारिस्थितिकी के लिए बड़ा खतरा है। वायु सेना की मदद से जल्द आग पर काबू पाने की उम्मीद है। अपडेट्स के लिए नजर रखें। क्या आपको लगता है जलवायु परिवर्तन से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं? कमेंट्स में बताएं!
