उत्तराखंड को 2025 में आपदाओं से ₹15,103 करोड़ का भारी नुकसान: USDMA की PDNA रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
उत्तराखंड को 2025 में आपदाओं से ₹15,103 करोड़ का भारी नुकसान: USDMA की PDNA रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) की पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट (PDNA) रिपोर्ट ने 2025 को राज्य के लिए सबसे विनाशकारी साल साबित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, पूरे साल में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं (बाढ़, हिमस्खलन, बादल फटना, भूस्खलन आदि) से राज्य को कुल ₹15,103.52 करोड़ का आर्थिक नुकसान हुआ है। यह देश में पहली बार किसी राज्य स्तर पर पूरी तरह तैयार की गई PDNA रिपोर्ट है, जिसे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) को सौंप दिया गया है।
नुकसान का ब्रेकडाउन (PDNA रिपोर्ट के अनुसार)
डायरेक्ट डैमेज: ₹3,792.38 करोड़ (इंफ्रास्ट्रक्चर, घर, सड़कें, पुल आदि को सीधा नुकसान)।
लॉसेस: ₹312.19 करोड़ (व्यापार, पर्यटन, कृषि में उत्पादन हानि)।
रिहैबिलिटेशन, रिकंस्ट्रक्शन और रिकवरी की जरूरत: ₹10,998.95 करोड़।
डिजास्टर रिस्क रिडक्शन (DRR) के लिए अतिरिक्त ₹3,017.04 करोड़ की जरूरत बताई गई है, ताकि भविष्य में आपदाओं का प्रभाव कम हो सके।
2025 में प्रमुख आपदाएं
हिमस्खलन: 8 लोगों की मौत।
गंगोत्री के पास भयावह बाढ़: 100+ मौतें।
देहरादून में बाढ़ और अन्य घटनाएं।
चार धाम यात्रा के दौरान खराब मौसम से दो हेलीकॉप्टर क्रैश।
पूरे साल में बादल फटना, भूस्खलन और भारी बारिश से सैकड़ों मौतें और व्यापक तबाही।
रिपोर्ट की खासियत और महत्व
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि रिपोर्ट में राज्य की भौगोलिक संवेदनशीलता, पर्वतीय इलाके और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को ध्यान में रखा गया है।
यह देश में पहली बार राज्य स्तर पर तैयार PDNA रिपोर्ट है, जो भविष्य में केंद्र से विशेष पैकेज और राहत के लिए आधार बनेगी।
रिपोर्ट से पता चलता है कि आपदाओं ने न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह किया, बल्कि पर्यटन, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गहरा झटका दिया।
यह आंकड़ा 2025 की आपदाओं की भयावहता को दर्शाता है, जहां राज्य ने केदारनाथ 2013 के बाद सबसे बड़ा नुकसान झेला। सरकार अब केंद्र से अतिरिक्त फंडिंग और मजबूत DRR उपायों की मांग कर रही है। क्या जलवायु परिवर्तन और अनियोजित विकास से ऐसी आपदाएं बढ़ रही हैं? कमेंट्स में बताएं!
