राजनीति

बिहार से बड़ी खबर: JDU में आरसीपी सिंह की संभावित वापसी, बोले- “हम दो नहीं, एक ही हैं”!

बिहार से बड़ी खबर: JDU में आरसीपी सिंह की संभावित वापसी, बोले- “हम दो नहीं, एक ही हैं”!

बिहार की सियासत में नया मोड़! पूर्व केंद्रीय मंत्री और जन सुराज पार्टी से जुड़े आरसीपी सिंह (RCP Singh) ने JDU में वापसी की अटकलों को हवा दी है। 12 जनवरी 2026 को पटना में एक दही-चूड़ा भोज (मकर संक्रांति पूर्व समारोह) में नीतीश कुमार के साथ अलग-अलग समय पर पहुंचे RCP सिंह ने मीडिया से बातचीत में बड़ा बयान दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना “अभिभावक” बताया और कहा: “हम दो नहीं, एक ही हैं”। ये बयान JDU में उनकी वापसी के कयासों को और तेज कर रहा है।

क्या हुआ था घटना?

RCP सिंह और नीतीश कुमार दोनों पटेल समुदाय के हैं, इसलिए उन्हें एक ही कार्यक्रम में बुलाया गया था।

दोनों अलग-अलग समय पर पहुंचे और मिले नहीं, लेकिन नीतीश के जाने के बाद RCP सिंह ने उनकी तारीफ की।

उन्होंने कहा: “नीतीश कुमार बिहार के सम्मानित मुख्यमंत्री हैं, राज्य के लोगों में बहुत लोकप्रिय हैं। हमारा रिश्ता किसी पद या अवसर से नहीं, बल्कि 25 साल के भरोसे और सहयोग पर टिका है।”

जब वापसी पर सवाल हुआ तो RCP सिंह ने मुस्कुराते हुए कहा: “इसका जवाब आपको जल्द मिल जाएगा।”

साथ ही उन्होंने नीतीश को भारत रत्न देने की मांग का भी समर्थन किया, कहा कि उनका योगदान बिहार और देश की राजनीति में ऐतिहासिक है।

बैकग्राउंड: RCP सिंह का सफर

RCP सिंह कभी नीतीश कुमार के सबसे करीबी थे — पूर्व IAS, नीतीश के PS रहे, JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, राज्या सभा MP और स्टील मंत्री भी।

2022 में JDU से निकाले गए (भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद), फिर BJP में शामिल हुए।

2025 में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी में चले गए, अपनी पार्टी ‘आप सबकी आवाज’ का विलय किया।

अब जन सुराज से भी दूरी बन रही है (रितेश पांडे जैसे अन्य नेता भी छोड़ रहे हैं)।

खरमास (जनवरी के बाद) खत्म होने पर RCP सिंह JDU में वापस आ सकते हैं — ये कयास तेज हैं।

राजनीतिक असर

नीतीश कुमार की JDU हाल ही में NDA में मजबूत हुई है, लेकिन संगठन में कुर्मी-पटेल वोट बैंक मजबूत करने की जरूरत है।

RCP सिंह की वापसी से JDU में पटेल समुदाय का समर्थन और मजबूत हो सकता है, खासकर 2027 विधानसभा चुनावों से पहले।

जन सुराज के लिए ये झटका — RCP सिंह जैसे बड़े नेता के जाने से पार्टी कमजोर हो सकती है।

BJP और JDU के बीच भी ये संकेत — नीतीश की पोजिशन मजबूत करने का प्रयास।

बिहार की सियासत में ये “एक ही हैं” वाला बयान बड़ा संकेत है। क्या RCP सिंह सच में JDU में लौटेंगे? या ये सिर्फ सियासी ड्रामा है? समय बताएगा!

आप क्या सोचते हैं — RCP सिंह की वापसी JDU को फायदा देगी या नुकसान? कमेंट में बताएं।

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