‘तालिबान का कूटनीतिक चेहरा’… कौन हैं मुफ्ती नूर अहमद नूर, जिन्हें भारत में अफगान दूतावास की कमान सौंपी गई?
नई दिल्ली: अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के लगभग पांच साल बाद एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया गया है। तालिबान सरकार ने मुफ्ती नूर अहमद नूर (Mufti Noor Ahmad Noor) को नई दिल्ली स्थित अफगान दूतावास का चार्ज डी’अफेयर्स (अस्थायी प्रमुख) नियुक्त किया है। 9 जनवरी 2026 को वे दिल्ली पहुंचे और जल्द ही कार्यभार संभाल लेंगे। यह तालिबान द्वारा भारत में पहली ऐसी औपचारिक राजनयिक नियुक्ति है, हालांकि भारत ने अभी तक तालिबान शासन को औपचारिक मान्यता नहीं दी है।
नूर अहमद नूर कौन हैं?
वरिष्ठ तालिबान अधिकारी: नूर अहमद नूर तालिबान के विदेश मंत्रालय (Ministry of Foreign Affairs) में फर्स्ट पॉलिटिकल डिवीजन के पूर्व महानिदेशक रह चुके हैं। वे काबुल में स्थित MFA के महत्वपूर्ण पद पर थे और दक्षिण एशिया से जुड़े कूटनीतिक मामलों में सक्रिय रहे हैं।
कूटनीतिक अनुभव: वे तालिबान की विदेश नीति के प्रमुख चेहरों में शुमार हैं। अक्टूबर 2025 में तालिबान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी की सात दिवसीय भारत यात्रा के दौरान वे उनके साथ प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। इसी यात्रा के दौरान भारत और तालिबान के बीच दूतावास की जिम्मेदारी सौंपने पर सहमति बनी थी।
अन्य दौरों का जिक्र: दिसंबर 2025 में उन्होंने बांग्लादेश का दौरा किया, जहां उन्होंने कई इस्लामी नेताओं से मुलाकात की। यह दौरा बांग्लादेश चुनाव से ठीक पहले हुआ था, जिसे महत्वपूर्ण माना गया।
मुफ्ती टाइटल: उनका नाम अक्सर मुफ्ती नूर अहमद नूर के रूप में आता है, जो उनके धार्मिक/इस्लामी विद्वान बैकग्राउंड को दर्शाता है।
क्यों है यह नियुक्ति महत्वपूर्ण?
यह कदम भारत-तालिबान संबंधों में व्यावहारिक जुड़ाव का संकेत है। भारत तालिबान को मान्यता नहीं देता, लेकिन मानवीय सहायता, चिकित्सा सामग्री, व्यापार और चाबहार पोर्ट जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ा रहा है। मुंबई और हैदराबाद के अफगान वाणिज्य दूतावास पहले से ही तालिबान नियुक्त अधिकारियों के अधीन हैं।
पहले 2023 में तालिबान की एक नियुक्ति असफल रही थी (स्टाफ ने विरोध किया था), लेकिन अब सहमति बनी है। फिलहाल पुराना अफगान तिरंगा और पुराने स्टाफ बने रहेंगे, लेकिन भविष्य में बदलाव संभव है।
यह नियुक्ति क्षेत्रीय कूटनीति में बदलाव का संकेत है – क्या भारत और तालिबान के बीच संबंध और मजबूत होंगे? समय बताएगा।
