अन्तर्राष्ट्रीय

बांग्लादेश: दीपू चंद्र दास हत्याकांड में मुख्य आरोपी यासीन अराफात गिरफ्तार, भीड़ को उकसाने और लाश जलाने में निभाई अहम भूमिका – पुलिस

बांग्लादेश: दीपू चंद्र दास हत्याकांड में मुख्य आरोपी यासीन अराफात गिरफ्तार, भीड़ को उकसाने और लाश जलाने में निभाई अहम भूमिका – पुलिस

ढाका/मयमनसिंह, 8 जनवरी 2026: बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले के भालुका में हिंदू गारमेंट वर्कर दीपू चंद्र दास की नृशंस हत्या (18 दिसंबर 2025) के मामले में बड़ा अपडेट आया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहम्मद यासीन अराफात (25) को गिरफ्तार कर लिया है। यासीन को बुधवार को ढाका के डेमरा थाना क्षेत्र के सारुलिया इलाके से पकड़ा गया। वह हत्या के बाद करीब 12 दिन से फरार था और विभिन्न मदरसों में छिपा हुआ था।

मयमनसिंह के अतिरिक्त पुलिस सुपरिंटेंडेंट (प्रशासन) अब्दुल्लाह अल मामुन ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा, “यासीन अराफात ने हत्या में लीडिंग रोल निभाया। वह फैक्ट्री गेट पर भीड़ को स्लोगन देकर उकसाता था, दीपू पर हमले में सीधे शामिल था, लाश को रस्सी से खींचकर स्क्वायर मास्टरबाड़ी इलाके ले गया और जलाने में नेतृत्व किया।” पुलिस के मुताबिक, यासीन की संलिप्तता अन्य गिरफ्तार आरोपियों के बयान, प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही, घटनास्थल के वीडियो और पहले की जांच से साबित हुई है।

यासीन अराफात कौन है?

उम्र: 25 साल

पता: भालुका के दक्षिण हबिरबाड़ी (करईतला मोड़) का रहने वाला, गाजी मिया का बेटा।

पेशा: काशर इलाके की शेखबाड़ी मस्जिद में इमाम और मदीना तहफीजुल कुरान मदरसे में शिक्षक (पिछले 18 महीनों से)।

मामले की अपडेट:

अब तक कुल 21 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।

इनमें से 9 आरोपियों ने कोर्ट में 164 धारा के तहत कबूलनामा दिया है।

पुलिस ने कहा कि बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

यह हत्या धार्मिक अपमान (ब्लास्फेमी) के आरोप में भीड़ द्वारा की गई थी, जिसमें दीपू को पीट-पीटकर मारा गया, पेड़ से लटकाया गया और फिर लाश जला दी गई। घटना ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों (खासकर हिंदुओं) पर हमलों की चिंता बढ़ा दी है और भारत में भी व्यापक निंदा हुई है। पुलिस जांच को तेज कर रही है और न्याय का आश्वासन दिया गया है। क्या यह गिरफ्तारी मामले को सुलझाएगी? आने वाले दिन बताएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *