‘वे बम और मिसाइलों से हमला कर रहे हैं…’: वेनेजुएला पर अमेरिकी अटैक से भड़के कोलंबिया के राष्ट्रपति पेट्रो, UN-OAS की तत्काल बैठक की मांग
‘वे बम और मिसाइलों से हमला कर रहे हैं…’: वेनेजुएला पर अमेरिकी अटैक से भड़के कोलंबिया के राष्ट्रपति पेट्रो, UN-OAS की तत्काल बैठक की मांग
बोगोटा/काराकास, 3 जनवरी 2026: कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास और अन्य इलाकों में हुए अमेरिकी हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए पेट्रो ने लिखा, “वे बम और मिसाइलों से हमला कर रहे हैं… अभी काराकास पर बमबारी हो रही है। दुनिया को चेतावनी: वेनेजुएला पर हमला किया गया है। वे रॉकेट से बमबारी कर रहे हैं। OAS और UN को तुरंत बैठक करनी चाहिए।”
पेट्रो ने हमलों को “एकतरफा सैन्य कार्रवाई” करार देते हुए कहा कि इससे क्षेत्रीय स्थिति बिगड़ सकती है और नागरिकों की जान को खतरा है। उन्होंने कोलंबिया सरकार की ओर से सीमा पर स्थिरता बनाए रखने और किसी भी मानवीय संकट से निपटने के लिए कदम उठाने की बात कही। साथ ही, उन्होंने डी-एस्केलेशन की अपील की और सभी पक्षों से संयम बरतने तथा बातचीत का रास्ता अपनाने का आग्रह किया।
हमलों का विवरण:
काराकास में फुएर्ते तिउना (देश का सबसे बड़ा सैन्य आधार), ला कार्लोटा एयरबेस और अन्य सैन्य ठिकानों पर धमाके हुए। धुएं के गुबार उठे और कई इलाकों में बिजली गुल हो गई।
हमले ला गुआइरा, मिरांडा और अरागुआ राज्यों तक फैले। प्रत्यक्षदर्शियों ने कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों और हेलिकॉप्टरों की आवाजें सुनीं।
अमेरिकी मीडिया (सीबीएस न्यूज) के सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन हमलों का आदेश दिया, जो ड्रग तस्करी से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने के लिए थे।
दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया:
वेनेजुएला: राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया और इसे “साम्राज्यवादी आक्रमण” बताया। सरकार ने कहा कि हमलों का मकसद देश के तेल और खनिज संसाधनों पर कब्जा करना है।
अमेरिका: ट्रंप प्रशासन ने इसे ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ कार्रवाई बताया, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं की। पेंटागन ने कोई टिप्पणी नहीं की।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: कोलंबिया के अलावा क्यूबा, ईरान और रूस ने हमलों की निंदा की। पेट्रो ने UN और OAS की इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की मांग की, क्योंकि कोलंबिया इस साल UN सिक्योरिटी काउंसिल का सदस्य है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ये हमले ट्रंप के ‘ऑपरेशन साउदर्न स्पीयर’ का हिस्सा हैं, जो पिछले साल शुरू हुआ था और अब जमीन पर फैल गया है। क्षेत्र में तनाव चरम पर है और आगे की कार्रवाई से लैटिन अमेरिका में बड़ा संकट पैदा हो सकता है। हताहतों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन सैन्य ठिकानों पर भारी नुकसान की खबरें हैं।
