खेल

उस्मान ख्वाजा ने लिया संन्यास: सिडनी टेस्ट में खेलेंगे करियर का आखिरी मुकाबला, नस्लीय भेदभाव पर भी खुलकर बोले

उस्मान ख्वाजा ने लिया संन्यास: सिडनी टेस्ट में खेलेंगे करियर का आखिरी मुकाबला, नस्लीय भेदभाव पर भी खुलकर बोले

सिडनी: ऑस्ट्रेलिया के स्टाइलिश ओपनर बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। 39 साल के ख्वाजा ने शुक्रवार को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) पर भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज का पांचवां और आखिरी टेस्ट उनका अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच होगा। यह मुकाबला 4 जनवरी से SCG पर ही खेला जाएगा – जहां से उनका टेस्ट करियर 2011 में शुरू हुआ था।

पाकिस्तान में जन्मे ख्वाजा ऑस्ट्रेलिया के पहले मुस्लिम टेस्ट क्रिकेटर हैं। उन्होंने 87 टेस्ट मैचों में 6206 रन बनाए, औसत 43.39 का रहा और 16 शतक लगाए। ख्वाजा ने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि संन्यास पर रोऊंगा, लेकिन टीम को बताते वक्त आंसू आ गए। यह सपना था जो पूरा हुआ।” उन्होंने परिवार का शुक्रिया अदा किया और कहा कि वह डोमेस्टिक क्रिकेट (बिग बैश और शेफील्ड शील्ड) खेलते रहेंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ख्वाजा ने अपने करियर में faced नस्लीय भेदभाव पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “मैं हमेशा थोड़ा अलग महसूस करता रहा हूं। रंगभेदी स्टीरियोटाइप्स का शिकार हुआ हूं। इस सीरीज में बैक स्पाज्म के बाद जो क्रिटिसिज्म हुआ, वह उदाहरण है। मैं चाहता हूं कि अगला ‘उस्मान ख्वाजा’ आसानी से आगे बढ़े।”

कप्तान पैट कमिंस ने उन्हें “अद्भुत करियर” के लिए बधाई दी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के CEO टॉड ग्रीनबर्ग ने ख्वाजा को “स्टाइलिश और रेजिलिएंट” बताया। ख्वाजा की विदाई मैच में ऑस्ट्रेलिया पहले ही सीरीज जीत चुकी है, इसलिए यह भावनात्मक अवसर होगा। फैंस और साथी खिलाड़ी उन्हें यादगार विदाई देने को बेताब हैं।

ख्वाजा का करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन उन्होंने धैर्य और स्किल से जगह बनाई। उनका जाना ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिए बड़ा नुकसान है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *