उत्तराखंड

विनय त्यागी हत्याकांड में नया मोड़: SIT गठित, 750 करोड़ की ब्लैक मनी का राज खुलने की उम्मीद

विनय त्यागी हत्याकांड में नया मोड़: SIT गठित, 750 करोड़ की ब्लैक मनी का राज खुलने की उम्मीद

हरिद्वार, 29 दिसंबर 2025: उत्तराखंड के कुख्यात गैंगस्टर विनय त्यागी की पुलिस कस्टडी में हुई हत्या के मामले में बड़ा अपडेट आया है। हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने निष्पक्ष जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है। सिटी सर्किल ऑफिसर शिशुपाल सिंह नेगी के नेतृत्व में यह टीम हर एंगल से जांच करेगी और जल्द रिपोर्ट सौंपेगी। परिवार के आरोपों और त्यागी समाज की मांग के बाद यह कदम उठाया गया है।

24 दिसंबर को लक्सर फ्लाईओवर पर पुलिस वैन में कोर्ट पेशी के दौरान बाइक सवार हमलावरों ने विनय त्यागी पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। तीन गोलियां लगने से गंभीर रूप से घायल त्यागी को एम्स ऋषिकेश ले जाया गया, जहां 27 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शूटर्स – सनी यादव और अजय कुमार – को गिरफ्तार कर लिया, जो पहले त्यागी के गैंग से जुड़े थे। प्रारंभिक जांच में 20 लाख के लेनदेन का विवाद वजह बताया गया।

मामला तब सनसनीखेज हो गया जब त्यागी की बहन सीमा त्यागी ने आरोप लगाया कि हत्या के पीछे 750 करोड़ रुपये की ब्लैक मनी का राज है। सीमा के मुताबिक, NHAI ठेकेदार सुभाष त्यागी ने ED की रेड से बचने के लिए नकदी, ज्वैलरी और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज देहरादून में एक डॉक्टर के पास छिपाए थे। विनय को इसकी जानकारी मिली और वह ED को सब सौंपने वाला था, इसलिए उसे रास्ते से हटाया गया। परिवार ने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए CBI जांच की मांग की है।

विनय त्यागी पर यूपी-उत्तराखंड में हत्या, लूट, अपहरण समेत 60 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। वह सुनील राठी गैंग से जुड़ा था और हालिया चोरी केस में जेल गया था। SIT की जांच से 750 करोड़ के इस कथित राज के साथ-साथ साजिश की परतें खुल सकती हैं। त्यागी समाज ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने तीन जवानों को निलंबित किया और जांच तेज कर दी है।

यह मामला गैंगवार, ब्लैक मनी और ED से जुड़े रहस्यों से भरा है। SIT की रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं। क्या सच सामने आएगा?

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