आधार फोटोकॉपी पर लगेगी रोक: OYO-होटल में QR स्कैन से वेरिफिकेशन, UIDAI का नया नियम दिसंबर अंत तक!
आधार फोटोकॉपी पर लगेगी रोक: OYO-होटल में QR स्कैन से वेरिफिकेशन, UIDAI का नया नियम दिसंबर अंत तक!
नई दिल्ली: आधार कार्ड की फोटोकॉपी मांगने की पुरानी प्रथा अब इतिहास बनने वाली है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने निजी संस्थानों जैसे होटल, OYO, इवेंट ऑर्गेनाइजर्स और गेटेड सोसाइटियों पर आधार वेरिफिकेशन के लिए सख्त नियम लाने का फैसला किया है। दिसंबर 2025 के अंत तक नोटिफाई होने वाले इस नियम से आधार की फिजिकल या डिजिटल कॉपी लेना-स्टोर करना पूरी तरह प्रतिबंधित हो जाएगा। अब चेक-इन पर सिर्फ QR कोड स्कैन या नई आधार ऐप से वेरिफिकेशन होगा, जो सेकंडों में पूरा हो जाएगा।
UIDAI CEO भुवनेश कुमार ने बताया कि यह नियम आधार एक्ट का उल्लंघन रोकने के लिए है। पहले होटल और OYO जैसे प्लेटफॉर्म्स व्हाट्सएप पर फोटो या फोटोकॉपी मांगते थे, जो डेटा लीक का खतरा पैदा करती थी। नए सिस्टम में संस्थाओं को UIDAI के साथ Offline Verification Seeking Entity (OVSE) के रूप में रजिस्टर करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद वे API इंटीग्रेशन, QR स्कैन या आधार ऐप से वेरिफाई कर सकेंगे। ऐप में ‘सेलेक्टिव डिस्क्लोजर’ फीचर होगा, जहां यूजर सिर्फ जरूरी डिटेल्स (नाम, उम्र, पता) शेयर कर सकेगा।
यह बदलाव विशेष रूप से अविवाहित कपल्स के लिए राहत है, जो OYO जैसे होटलों में प्राइवेसी की चिंता करते थे। UIDAI ने फेस लाइवनेस डिटेक्शन और कॉन्टैक्टलेस फिंगरप्रिंट जैसी टेक्नोलॉजी भी इंट्रोड्यूस की है, जो डीपफेक रोकेंगी। नवंबर 2025 तक 250 से ज्यादा होटल चेन और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
नया आधार ऐप ऑफलाइन वेरिफिकेशन सपोर्ट करेगा, भले सर्वर डाउन हो। ऑफलाइन API से संस्थाएं अपना सिस्टम अपडेट कर सकेंगी। UIDAI का लक्ष्य आधार डेटा को सुरक्षित और प्राइवेसी-फ्रेंडली बनाना है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे डेटा मिसयूज रुकेगा और वेरिफिकेशन तेज होगा।
