राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ आरोपों का पर्दाफाश! लोकसभा में BJP का जोरदार पलटवार, कांग्रेस को आईना दिखाया
राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ आरोपों का पर्दाफाश! लोकसभा में BJP का जोरदार पलटवार, कांग्रेस को आईना दिखाया
नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र के सातवें दिन लोकसभा में चुनाव सुधारों पर बहस के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने फिर से ‘वोट चोरी’ का हल्ला मचाया। उन्होंने बीजेपी पर चुनाव आयोग (ECI) के साथ मिलकर लोकतंत्र को कुचलने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘वोट चोरी सबसे बड़ा राष्ट्र-विरोधी कृत्य है, जो भारत के ताने-बाने को तोड़ देगा।’ राहुल ने RSS पर संस्थाओं पर कब्जा करने का इल्जाम लगाया और ECI को ‘पावर के आगे झुकने वाला’ बताया। लेकिन बीजेपी ने तुरंत पलटवार किया, राहुल के दावों को ‘झूठ का पुलिंदा’ करार देते हुए कांग्रेस के काले इतिहास को उछाल दिया। यह बहस इतनी गरम हुई कि सदन में हंगामा मच गया।
9 दिसंबर को राहुल ने अपनी स्पीच में तीन बड़े सवाल दागे: पहला, ECI चयन पैनल से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) को हटाने का फैसला क्यों? दूसरा, 2023 के कानून से चुनाव आयुक्तों को पूर्ण छूट देने का मकसद क्या? तीसरा, CCTV फुटेज को 45 दिनों में डिलीट करने का नियम क्यों? उन्होंने हरियाणा चुनावों में वोटर लिस्ट में ‘ब्राजीलियन मॉडल’ की फोटो और लाखों डुप्लिकेट वोटरों का हवाला दिया। राहुल ने दावा किया कि ECI BJP के इशारे पर चुनाव ‘शेप’ कर रही है और विपक्ष को दबा रही है। उन्होंने कहा, ‘हम कानून बदल देंगे और रेट्रोएक्टिव कार्रवाई करेंगे।’ राहुल ने RSS को निशाना बनाते हुए कहा कि वे समानता में विश्वास नहीं करते, बल्कि संस्थाओं पर कब्जा कर रहे हैं – वीसी से लेकर CBI-ED तक।
बीजेपी ने राहुल के आरोपों को ‘झूठ का जाल’ बताते हुए तीखा जवाब दिया। सांसद निशिकांत दुबे ने सदन में कहा, ‘राहुल बाबू, EVM तो आपके पिता राजीव गांधी ने 1987 में पायलट प्रोजेक्ट में लाए थे। अब उसी पर सवाल?’ दुबे ने कांग्रेस के 1975 के इमरजेंसी काल को याद दिलाया, जब इंदिरा गांधी ने संविधान को ‘फाड़ दिया’ था। उन्होंने तंज कसा, ‘इंदिरा जी ने रायबरेली ‘वोट चोरी’ से जीता था। कांग्रेस ने शहीदों के ढेर पर खड़ी होकर भारत को बांटा।’ दुबे ने UPA शासन में ECI नियुक्तियों पर सवाल उठाया – ‘नाम लो, कब CJI या LoP को शामिल किया? सब कांग्रेस के इशारे पर हुए।’
संबित पत्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘राहुल के ‘फैक्ट्स’ झूठों का ढेर हैं। वे संवैधानिक संस्थाओं को धमकी दे रहे हैं, जो अभूतपूर्व है।’ संजय जायसवाल ने कहा, ‘कांग्रेस को ‘वोट चोरी’ समझना हो तो 1947 देखें, जब वे पटेल के साथ खड़े न होकर नेहरू को चुना।’ बीजेपी ने राहुल के सबूतों को ‘छह महीने की रिसर्च का फल’ बताते हुए खारिज किया, जो कर्नाटक के महादेवपुरा में डुप्लिकेट वोटरों पर आधारित था। उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया पारदर्शी है और विपक्ष के दावे हार की भड़ास हैं।
यह बहस चुनाव आयोग विवाद को और गहरा कर रही है। राहुल ने X पर क्लिप शेयर कर कहा, ‘ECI जवाब क्यों नहीं दे रही?’ जबकि बीजेपी ने इसे ‘कांग्रेस की हार का रोना’ बताया। विपक्ष ने VVPAT गिनती और पेपर बैलेट की मांग की, लेकिन सरकार ने चर्चा को आगे बढ़ाया। संसद सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा, जहां यह मुद्दा गरमाता रहेगा। राहुल के आरोपों से कांग्रेस को समर्थन मिला, लेकिन बीजेपी का पलटवार ने उन्हें बैकफुट पर ला दिया। क्या यह ‘झूठ एक्सपोज’ 2026 चुनावों का मुद्दा बनेगा? इंतजार कीजिए!
