अखिलेश-डिंपल ने सलीम चिश्ती दरगाह पर चढ़ाई चादर: जया बच्चन भी साथ, बोले- हिंदुस्तानियत और संविधान की रक्षा ही कामना
अखिलेश-डिंपल ने सलीम चिश्ती दरगाह पर चढ़ाई चादर: जया बच्चन भी साथ, बोले- हिंदुस्तानियत और संविधान की रक्षा ही कामना
फतेहपुर सीकरी (आगरा)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को पत्नी डिंपल यादव और राज्यसभा सांसद जया बच्चन के साथ फतेहपुर सीकरी की विश्व प्रसिद्ध सलीम चिश्ती दरगाह पर चादर चढ़ाई। तीनों नेताओं ने मजार पर फूल चढ़ाए, दुआ मांगी और 13 साल पुरानी मन्नत पूरी की। दरगाह के अंदर सूफी गायकों की कव्वाली और दमदार धुनों के बीच अखिलेश दंपति लंबे समय तक बैठे रहे।
चादर चढ़ाने के बाद अखिलेश ने मीडिया से कहा,
“जो हमारी हिंदुस्तानियत है, मिली-जुली संस्कृति है, एक-दूसरे के प्रति हम लोगों का लगाव इस देश में और बढ़े, ऐसी ही हमारी कामना है यहां से। आज बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जी को भी हम लोग याद करते हैं। उन्होंने जो संविधान दिया, उसकी वजह से हमको हक और सम्मान मिल रहा है। संविधान की किताब PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) के लिए किस्मत की किताब है।”
जया बच्चन ने भी दरगाह की खूबसूरती और शांति की तारीफ की। उन्होंने कहा, “यहां आकर मन को सुकून मिलता है। सभी धर्मों के लोग यहां आते हैं, यही भारत की खूबसूरती है।”
अखिलेश ने 2012 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने पर यहां धागा बांधा था। आज उसे खोलते हुए उन्होंने कहा कि सूफी संतों की यह जगह देश में भाईचारा और मोहब्बत का पैगाम देती है। दरगाह के खादिमों ने तीनों को दुआएं दीं और प्रसाद भेंट किया।
यह दौरा बाबरी विध्वंस की बरसी और अंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस के ठीक दिन हुआ, जिससे इसका राजनीतिक संदेश भी साफ है। सपा PDA रणनीति को और मजबूत करने के साथ-साथ हिंदुस्तानियत और संविधान की रक्षा का मैसेज दे रही है। BJP ने इसे वोटबैंक पॉलिटिक्स बताया, जबकि कांग्रेस और बसपा ने स्वागत किया।
तीनों नेता शाम को लखनऊ लौट गए।
