राजनीति

संसद का शीतकालीन सत्र: दिन 2 पर SIR विवाद ने फिर मचाया हंगामा, दोनों सदनों में सदन ठप, विपक्ष का वॉकआउट

संसद का शीतकालीन सत्र: दिन 2 पर SIR विवाद ने फिर मचाया हंगामा, दोनों सदनों में सदन ठप, विपक्ष का वॉकआउट

भारत के संसद भवन में शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन भी हंगामे और नारेबाजी से शुरू हुआ। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्षी दलों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर जोरदार विरोध दर्ज कराया, जिससे सदन की कार्यवाही पूरी तरह ठप हो गई। लोकसभा को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया, जबकि राज्यसभा दोपहर 2 बजे तक स्थगित रही। विपक्ष ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाते हुए संसद परिसर के बाहर धरना दिया, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत INDIA गठबंधन के प्रमुख नेता शामिल हुए। सरकार ने SIR पर चर्चा की सहमति जताई, लेकिन समयसीमा तय करने से इनकार कर दिया। इस बीच, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल पेश किया, लेकिन हंगामे के कारण चर्चा नहीं हो सकी।

सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे हुई, लेकिन विपक्ष की नारेबाजी ने सदनों को बाधित कर दिया। लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला ने कार्यवाही शुरू करने की कोशिश की, लेकिन विपक्षी सांसद वेल में उतर आए। कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने कहा, “संसद चीयरलीडर्स क्लब नहीं है। जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। वोट का अधिकार छीना जा रहा है।” राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ ने स्थगन प्रस्तावों को खारिज कर दिया, जिस पर खड़गे ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “SIR से BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) की मौतें हो रही हैं। लोकतंत्र की हत्या हो रही है। तत्काल चर्चा होनी चाहिए।” खड़गे ने नियम 267 के तहत अन्य कार्यों को स्थगित कर SIR पर बहस की मांग की।

सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जवाब दिया, “सरकार SIR, चुनाव सुधार या किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन टाइमलाइन थोपना उचित नहीं। सर्वदलीय बैठक में फैसला होगा।” रिजिजू ने विपक्ष पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। डीएमके सांसद त्रिची शिवा ने रिजिजू से सीधे सवाल किया, “कल रात 9 बजे तक टाइमलाइन बताने को कहा था, अब क्यों टालमटोल?” लेकिन हंगामा बढ़ता गया। राज्यसभा में विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया, जबकि लोकसभा 12 बजे तक स्थगित हो गई। दोपहर 2 बजे फिर शुरू हुई कार्यवाही, लेकिन नारेबाजी से दोनों सदन फिर ठप। अंत में लोकसभा दिन भर के लिए स्थगित, राज्यसभा 3 दिसंबर सुबह 11 बजे फिर बुलाई गई।

संसद परिसर के बाहर मकर द्वार पर सुबह 10:30 बजे INDIA ब्लॉक के सांसदों ने धरना दिया। राहुल गांधी ने प्रोटेस्ट लीड किया और कहा, “सरकार तानाशाही चला रही है। जनता के मुद्दों से भाग रही है। स्वस्थ लोकतंत्र के लिए बहस जरूरी।” प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी के ‘ड्रामा’ वाले बयान पर पलटवार किया, “जनता के मुद्दों पर चर्चा न करना ही असली ड्रामा है।” धरने में डीएमके, टीएमसी, सपा समेत सभी विपक्षी दल शामिल हुए। कन्याकुमारी सांसद विजय कुमार ने स्थगन प्रस्ताव पेश कर SIR को ‘जल्दबाजी भरा और अनियोजित’ बताया।

SIR विवाद का केंद्र बिंदु मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण है, जो 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहा। विपक्ष का आरोप है कि इससे लाखों वोटरों के नाम कट सकते हैं, जो ‘वोटर सप्रेशन’ है। खड़गे ने कहा, “12-13 BLO की मौतें हो चुकीं। यह चुनाव आयोग की साजिश है।” सरकार इसे ‘पारदर्शिता बढ़ाने’ वाला कदम बता रही। सर्वदलीय बैठक में फैसला होने की उम्मीद है।

इस बीच, विधायी कामकाज सीमित रहा। लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल, 2025 पेश किया, जो सेंट्रल एक्साइज एक्ट, 1944 में संशोधन करता। यह बिल तंबाकू, पान मसाला जैसे ‘सिन गुड्स’ पर लेवी को फिर से परिभाषित करता। हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025 भी पेश किया गया, जो मशीनों पर मासिक लेवी लगाता—₹1.01 करोड़ से ₹25 करोड़ तक। मैनुअल यूनिट्स पर ₹11 लाख। आय कंसॉलिडेटेड फंड में जाएगी। लेकिन हंगामे से चर्चा नहीं हो सकी। राज्यसभा में मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (2nd अमेंडमेंट) बिल, 2025 को विचार के लिए भेजा गया।

फाइनेंस स्टैंडिंग कमिटी ने दो रिपोर्ट्स टेबल कीं—भरतृहरि महताब और वेमिरेड्डी प्रभाकर रेड्डी ने पेश कीं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्लोर मैनेजर्स की बैठक बुलाई। सत्र में 15 बैठकें हैं, जो 19 दिसंबर तक चलेगी। प्राइवेट मेंबर्स बिल 5 और 19 दिसंबर को, रेजोल्यूशन 12 दिसंबर को।

सरकार ने SIR पर चर्चा का शेड्यूल तय किया। 8 दिसंबर को ‘वंदे मातरम’ पर बहस शुरू होगी, पीएम मोदी उद्घाटन करेंगे। 9-10 दिसंबर को चुनाव सुधार पर दो दिवसीय चर्चा। कांग्रेस नेता के. सुरेश ने स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात के बाद कहा, “यह विपक्ष की मांग मानने का संकेत है।” लेकिन विपक्ष ने कहा, “तत्काल चर्चा होनी चाहिए।”

अन्य मुद्दे भी गरमाए। विपक्ष ने दिल्ली प्रदूषण, दिल्ली ब्लास्ट (राष्ट्रीय सुरक्षा), विदेश नीति और ‘संचार साथी’ ऐप पर जासूसी का आरोप लगाया। कांग्रेस ने ऐप को ‘पेगासस++’ कहा। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “ऐप वैकल्पिक है, यूजर डिलीट कर सकते हैं।” विपक्ष ने संसद में बहस की मांग की।

नए राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने पहली बैठक में कहा, “भारत माता की सेवा का सम्मान।” विपक्ष ने उनका स्वागत किया। लेकिन हंगामे से सत्र प्रभावित। विशेषज्ञों का कहना है, SIR विवाद चुनाव सुधारों से जुड़ा, जो 2027 चुनावों पर असर डाल सकता। BJP का कहना है कि पारदर्शिता जरूरी।

सत्र के बाकी दिनों में शांति की उम्मीद, लेकिन तनाव बरकरार। विपक्ष 3 दिसंबर को फ्लोर लीडर्स की बैठक में रणनीति तय करेगा। यह सत्र विधायी कामकाज के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा, जहां 13 बिल लंबित हैं।

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