राजस्थान में बड़ा खुलासा: श्रीनाथजी थाना क्षेत्र में विस्फोटकों का विशाल जखीरा बरामद, 10 किमी तक तबाही का खतरा टला
राजस्थान में बड़ा खुलासा: श्रीनाथजी थाना क्षेत्र में विस्फोटकों का विशाल जखीरा बरामद, 10 किमी तक तबाही का खतरा टला
राजस्थान के राजसमंद जिले के श्रीनाथजी थाना क्षेत्र में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सोमवार रात को श्रीनाथजी थाना पुलिस ने एक पिकअप वाहन से भारी मात्रा में अवैध विस्फोटक सामग्री बरामद की, जो आमेट क्षेत्र से नाथद्वारा की ओर ले जाए जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार, यह जखीरा इतना खतरनाक था कि इसके विस्फोट से करीब 10 किलोमीटर के दायरे में भयंकर तबाही मच सकती थी। यह खोज एक बड़े आतंकी प्लॉट को विफल करने का संकेत दे रही है, खासकर हाल के फरीदाबाद मॉड्यूल और दिल्ली विस्फोटों के बाद।
श्रीनाथजी थाना प्रभारी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने वाहन को चेक किया, जिसमें सैकड़ों किलोग्राम विस्फोटक लोड थे। वाहन चालक को हिरासत में ले लिया गया है, और पूछताछ में कई नाम सामने आ चुके हैं। पुलिस का कहना है कि यह सामग्री खनन या निर्माण के बहाने तस्करी की जा रही थी, लेकिन मात्रा को देखते हुए इसका उद्देश्य संदिग्ध है। विस्फोटक की काउंटिंग और प्रकृति की जांच फॉरेंसिक टीम कर रही है। अगर ब्लास्ट होता, तो नाथद्वारा शहर—जो विश्व प्रसिद्ध श्रीनाथजी मंदिर के लिए जाना जाता है—के साथ-साथ आसपास के गांवों को भारी नुकसान पहुंचता। मंदिर क्षेत्र में रोजाना हजारों भक्त आते हैं, इसलिए यह खोज समय पर सतर्कता का प्रतीक है।
राजस्थान पुलिस के डीआईजी राजसमंद ने कहा, “यह एक बड़ा आतंकी प्लॉट था। वाहन आमेट से नाथद्वारा जा रहा था, लेकिन हमारी सतर्कता से इसे रोका गया। चालक और संदिग्धों की गहन पूछताछ जारी है।” हाल के दिनों में राजस्थान में चार संदिग्ध मौलवियों को हिरासत में लिया गया था, जो इसी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। यह घटना दिल्ली के 10 नवंबर के विस्फोट की याद दिला रही है, जहां 2,900 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ था। एनआईए को भी अलर्ट किया गया है, जो फरीदाबाद मॉड्यूल से लिंक की जांच करेगी।
स्थानीय स्तर पर दहशत फैल गई है। नाथद्वारा के व्यापारियों ने कहा, “मंदिर का इलाका सुरक्षित होना चाहिए। यह हमारी आस्था पर हमला होता।” पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है, और वाहन को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसी घटनाओं की जड़ तक पहुंचा जाए। विपक्ष ने सरकार की खुफिया तंत्र पर सवाल उठाए, लेकिन भाजपा ने इसे पुलिस की सतर्कता की जीत बताया।
यह खोज राजस्थान में बढ़ते आतंकी खतरों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध विस्फोटक तस्करी खनन माफिया से जुड़ी हो सकती है, लेकिन इसका इस्तेमाल साजिशों के लिए हो रहा। फिलहाल, पूछताछ से और खुलासे होने की उम्मीद है, और इलाके में सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है।
