श्रीलंका में सड़ी-गली राहत: पाकिस्तान का शर्मनाक ‘सहयोग’, एक्स पोस्ट डिलीट कर छिपाया काला सच
श्रीलंका में सड़ी-गली राहत: पाकिस्तान का शर्मनाक ‘सहयोग’, एक्स पोस्ट डिलीट कर छिपाया काला सच
चक्रवात दित्वाह से तबाह श्रीलंका को पाकिस्तान ने जो ‘मानवीय सहायता’ भेजी, वह खुद एक आपदा साबित हो गई। हाई कमीशन ने एक्स पर पोस्ट कर गर्व से तस्वीरें शेयर कीं, लेकिन उनमें दिखे एक्सपायरी डेट वाले खाद्य और मेडिकल सामान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भद्द पिटवा दी। आलोचना की बौछार के बाद पोस्ट डिलीट कर दी गई, लेकिन स्क्रीनशॉट वायरल हो चुके हैं। यह घटना न केवल पाकिस्तान की कूटनीतिक नाकामी दर्शाती है, बल्कि श्रीलंका की आपदा में असंवेदनशीलता को उजागर करती है।
पाकिस्तान ने 29 नवंबर को 100 टन राहत सामग्री—खाद्य पैकेट, दवाइयां और अन्य जरूरी चीजें—हवाई और समुद्री मार्ग से भेजी। हाई कमीशन ने 30 नवंबर को एक्स पर लिखा, “हमेशा साथ खड़े! पाकिस्तान से राहत पैकेज सफलतापूर्वक डिलीवर हो गए, जो श्रीलंका के बाढ़ प्रभावित भाइयों-बहनों की मदद करेंगे। पाकिस्तान हमेशा श्रीलंका के साथ!” लेकिन तस्वीरों में पीले रंग के पैकेटों पर ‘EXP: 10/2024’ की मुहर दिखी, जो एक साल पुरानी हो चुकी है। सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं—एक यूजर ने लिखा, “शर्म करो! बाढ़ पीड़ितों को सड़ी-गली चीजें भेजना घिनौना है।” पत्रकार शिव अरूर ने ट्वीट कर हाई कमीशन को टैग किया, “एक्सपायर्ड सामान भेजकर क्या मजाक कर रहे हो?”
श्रीलंका के आपदा प्रबंधन केंद्र और विदेश मंत्रालय ने अनौपचारिक रूप से आपत्ति जताई। अधिकारियों ने कहा कि यह सामग्री बेकार है, और इससे स्क्रीनिंग प्रक्रिया पर सवाल उठे। न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलंबो ने औपचारिक चैनलों से नाराजगी व्यक्त की, और अब राहत सामग्री की जांच सख्त की जाएगी। यह पहली बार नहीं—पाकिस्तान पहले भी पुरानी सहायता को फॉरवर्ड कर चुका है। इधर, भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत 53 टन राहत, NDRF टीम और मेडिकल सपोर्ट भेजा, जिसकी तारीफ हो रही। ईएएम एस जयशंकर ने INS सुकन्या के ट्रिंकोमाली पहुंचने की तस्वीर शेयर की।
विवाद तब और गहराया जब पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाया कि उसने राहत विमान को 60 घंटे रोक लिया। लेकिन पाकिस्तानी मीडिया के फेक न्यूज दावों के बावजूद, यह घटना इस्लामाबाद की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ी कर रही। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम दक्षिण एशिया में पाकिस्तान की छवि को और खराब करेगा, जबकि भारत की त्वरित मदद ने सॉफ्ट पावर बढ़ाई। फिलहाल, पाकिस्तान ने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया, लेकिन डिलीटेड पोस्ट की चपेट में आकर चुप्पी साध ली है। श्रीलंका की तबाही में ऐसी ‘सहायता’ से ज्यादा, सच्ची एकजुटता की जरूरत है।
