अखिलेश यादव ने मृत BLO के परिवार को दिए ₹2 लाख, BJP पर लगाए वोट चोरी के गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने मृत BLO के परिवार को दिए ₹2 लाख, BJP पर लगाए वोट चोरी के गंभीर आरोप
लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार (29 नवंबर 2025) को मलिहाबाद के मृतक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) विजय कुमार वर्मा के परिवार को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा। यह सहायता BLO की मौत के बाद सपा की ओर से दी गई है, जो विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के दबाव से जुड़ी बताई जा रही है। इस मौके पर अखिलेश ने बीजेपी सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा प्रहार किया, आरोप लगाया कि SIR के बहाने वोटर लिस्ट से लाखों वोट काटे जा रहे हैं और BLOs पर इतना दबाव डाला जा रहा है कि वे मानसिक तनाव में आत्महत्या तक कर रहे हैं।
विजय कुमार वर्मा (45 वर्ष) की 14 नवंबर को ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई थी। अखिलेश ने उनकी पत्नी संगीता को चेक देते हुए कहा, “BLOs को मशीन समझकर 24 घंटे काम करवाना अमानवीय है। बीजेपी SIR में इतनी जल्दबाजी क्यों कर रही है? यह वोट छीनने की साजिश है।” उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि प्रत्येक मृत BLO के परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी और कल्याणकारी सुविधाएं दी जाएं। सपा ने सभी मृत BLO परिवारों को ₹2 लाख की सहायता देने का ऐलान किया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने बीजेपी को “एनकाउंटर माफिया, कफ सिरप माफिया, नीट माफिया, स्क्रैप माफिया और थाने पर वसूली माफिया” वाली पार्टी करार दिया। उन्होंने कहा, “बीजेपी नई नौकरियां नहीं दे रही, बल्कि पुरानी नौकरियों को इतना कठिन बना रही है कि लोग तनाव में छोड़ रहे हैं। SIR के टारगेट अवास्तविक हैं, जिससे BLOs दबाव में आ रहे हैं।” हाल ही में फतेहपुर में एक 25 वर्षीय क्लर्क सुधीर कुमार ने SIR कार्य के दबाव में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, जिसे अखिलेश ने “ECI और BJP की साजिश” बताया।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी को SIR का ठेका देकर बीजेपी चुनावी घोटाला कर रही है। “PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) से डरकर लाखों वोट काटे जा रहे हैं। चुनाव आयोग और बीजेपी मिले हुए हैं।” उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि 30 नवंबर को विशेष अभियान चलाकर लोगों को SIR फॉर्म भरने में मदद करें, ताकि वोटर नाम न कटें। सपा महासचिव गौरव सिंह यादव, विधायक रविदास महरोत्रा और अन्य मौजूद थे।
यह घटना उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया पर विवाद को और गहरा रही है। पहले चरण का डेडलाइन नजदीक आते ही BLOs की इस्तीफे और मौतों की खबरें आ रही हैं। विपक्ष ने इसे “वोट चोरी का मास्टरप्लान” बताया, जबकि बीजेपी ने सपा के आरोपों को खारिज किया। अखिलेश का यह कदम सपा की PDA रणनीति को मजबूत करने का प्रयास लगता है, जहां वे BLOs और वोटरों के मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद 2027 विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी के लिए चुनौती बनेगा।
