राजनीति

कर्नाटक कांग्रेस का किला ढहने की कगार पर? सिद्धारमैया-शिवकुमार टकराव से हाईकमान पर दबाव, BJP वेट एंड वॉच में

कर्नाटक कांग्रेस का किला ढहने की कगार पर? सिद्धारमैया-शिवकुमार टकराव से हाईकमान पर दबाव, BJP वेट एंड वॉच में

बेंगलुरु। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का आधा कार्यकाल पूरा होने के साथ ही पार्टी के अंदरूनी कलह ने जोर पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच सीएम पद को लेकर सुलगती जंग ने कांग्रेस का ‘सबसे बड़ा किला’ खतरे में डाल दिया है। भाजपा ने इसे ‘कांग्रेस बनाम कांग्रेस’ का ‘ओटीटी सीरीज’ करार देते हुए वेट एंड वॉच मोड अपना लिया है। पार्टी नेता बीवाय विजयेंद्र ने कहा, “कांग्रेस का विभाजन होना कोई आश्चर्य नहीं होगा।” विपक्ष का मानना है कि यह संकट सरकार को अस्थिर कर सकता है, और अगर सरकार गिरी तो भाजपा दावा नहीं ठोकेगी – बस इंतजार करेगी।

संकट की जड़ 2023 विधानसभा चुनाव के बाद का कथित ‘2.5 साल का पावर-शेयरिंग फॉर्मूला’ है। मई 2023 में कांग्रेस ने 135 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की थी, लेकिन सिद्धारमैया को सीएम बनाए जाने के बाद शिवकुमार समर्थकों ने ‘नोवेम्बर क्रांति’ की धमकी दी। 20 नवंबर को आधा टर्म पूरा होते ही दिल्ली में शिवकुमार के 10 विधायकों का कैंप शुरू हो गया। उन्होंने सोनिया गांधी से 29 नवंबर की मीटिंग मांगी और एक वायरल पोस्ट में ‘वर्ड पावर इज वर्ल्ड पावर’ लिखा, जिसे सिद्धारमैया समर्थकों ने ‘फर्जी’ बताया। यह पोस्ट कथित ‘सीक्रेट डील’ का जिक्र मानकर हाईकमान को चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राहुल गांधी, सिद्धारमैया और शिवकुमार की बैठक बुलाई है। खड़गे के बेटे प्रियांक ने कहा, “हाईकमान स्थिति का आकलन करेगा।” लेकिन भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने तंज कसा, “कांग्रेस के लिए ‘वर्ड’ का मतलब ‘विश्वासघात’ और ‘वर्ल्ड’ का मतलब ‘चेयर’ है। जनता गड्ढों, महंगाई और भ्रष्टाचार से त्रस्त है, लेकिन वे कुर्सी की लड़ाई में व्यस्त हैं।” पूर्व सीएम बसवराज बोम्मई ने वित्तीय संकट का हवाला देकर कहा कि कांग्रेस केंद्र पर आरोप लगाकर अपनी नाकामी छिपा रही है।

भाजपा की रणनीति साफ है – वेट एंड वॉच। कर्नाटक भाजपा प्रमुख विजयेंद्र ने कहा, “हमारे पास इस आंतरिक झगड़े से कोई लेना-देना नहीं, लेकिन यह प्रशासन को प्रभावित कर रहा है। युवा वादों से निराश हैं।” पूर्व मंत्री वी. सुनील कुमार ने बेलगावी सत्र में अविश्वास प्रस्ताव लाने की घोषणा की। भाजपा नेता सीएन रवि ने कहा, “लोग सीएम बदलाव नहीं, पूरी सरकार गिरने की मांग कर रहे हैं।” पार्टी ने एआई वीडियो जारी कर शिवकुमार-डिके सुरेश को ‘कुर्सी हथियाने’ का मजाक उड़ाया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट कांग्रेस की ‘गारंटी’ स्कीम्स की सकारात्मक छवि को धूमिल कर रहा है। सिद्धारमैया समर्थक जमीअर अहमद खान ने कुर्सी पर ‘गोंद’ लगाने का प्रतीक इस्तेमाल किया, जबकि शिवकुमार ने वफादारी का दावा किया। अगर विभाजन हुआ, तो कर्नाटक में 2028 चुनाव से पहले ही सत्ता परिवर्तन हो सकता है। फिलहाल, हाईकमान का फैसला इंतजार कर रहा है – क्या यह किला बचेगा या ढह जाएगा?

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