बेटे के सामने थिनर डालकर जलाया: निक्की हत्याकांड की चार्जशीट में खुली साजिश की पोल, परिवार ने मिलकर ली जान
बेटे के सामने थिनर डालकर जलाया: निक्की हत्याकांड की चार्जशीट में खुली साजिश की पोल, परिवार ने मिलकर ली जान
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में कुछ महीने पहले हुई निक्की भाटी की जघन्य हत्या का पूरा राज अब खुल चुका है। कासना कोतवाली पुलिस ने अदालत में 500 पन्नों से अधिक की विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिसमें साफ खुलासा हुआ है कि निक्की की मौत कोई सिलेंडर ब्लास्ट या हादसा नहीं, बल्कि योजनाबद्ध हत्या थी। उसके पति विपिन भाटी, सास दया, ससुर सत्यवीर और जेठ रोहित ने मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। सबसे सनसनीखेज खुलासा तो 6 साल के मासूम बेटे के बयान से हुआ, जिसने बताया कि “पापा ने मम्मी पर थिनर डाला और आग लगा दी।” यह घटना निक्की के बेटे के सामने ही घटी, जो उसकी आंखों का चश्मदीद गवाह बना।
चार्जशीट के अनुसार, हत्या की साजिश एक महीने पहले ही रच ली गई थी। विपिन ने दिल्ली की एक दुकान से ब्यूटी पार्लर के बहाने थिनर खरीदा था, जो निक्की और उसकी बहन कंचन घर पर ही चलाती थीं। सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने की वजह से ससुराल पक्ष नाराज था। निक्की की शादी को महज 8 साल हुए थे, लेकिन दहेज की मांग, घरेलू हिंसा और इंस्टाग्राम रील्स पर विवाद ने तकरार बढ़ा दी। 21 अगस्त 2025 को शाम 5:45 बजे विपिन ने निक्की को कमरे में घसीटा, उसे दबाया, थिनर डाला और सास दया द्वारा दिए गए लाइटर से आग लगा दी। निक्की 80% जल गईं। उसे पहले फोर्टिस हॉस्पिटल और फिर दिल्ली के सफदरजंग ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
आग लगाने के बाद विपिन ने पड़ोसी की छत से कूदकर गली में जाकर खुद को मासूम साबित करने की कोशिश की। सास दया भी तुरंत दुकान पर चली गईं ताकि लगे कि वे घटनास्थल पर नहीं थीं। ससुर सत्यवीर और जेठ रोहित ने साजिश में पूरा साथ दिया। पुलिस ने घटनास्थल से जली हुई चादर, कपड़े, थिनर की खाली बोतल, गैस चूल्हा, मिट्टी का नमूना और लाइटर जब्त किया। फॉरेंसिक रिपोर्ट में थिनर के इस्तेमाल की पुष्टि हुई। अस्पताल के मेमो में शुरू में सिलेंडर ब्लास्ट बताया गया था, लेकिन जांच ने इसे झूठा साबित कर दिया। डिजिटल साक्ष्य जैसे वायरल वीडियो और फोटो भी चार्जशीट का हिस्सा हैं।
निक्की की बहन कंचन ने FIR दर्ज कराई थी, जिसमें ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया। चारों आरोपी बीएनएस की धारा 103(1) (हत्या), 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत नामजद हैं। सभी जेल में बंद हैं। बचाव पक्ष के वकील उधम सिंह तोंगड़ और दिनेश कुमार कल्सन ने कहा कि आरोपियों ने आत्महत्या की कहानी गढ़ी, लेकिन बेटे के बयान ने सब उजागर कर दिया। निक्की का परिवार अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कठोर सजा की मांग कर रहा है।
यह मामला महिलाओं पर घरेलू हिंसा और दहेज लोभ की काली सच्चाई को बेनकाब करता है। ग्रामीण इलाकों में सोशल मीडिया पर महिलाओं की सक्रियता को लेकर बढ़ते विवाद चिंता का विषय हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी हो चुकी है, अब अदालत फैसला लेगी। निक्की की मौत ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है, जहां ग्रामीण सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
