राजनीति

SIR विवाद: राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर तीखा हमला, BLO मौतों को ‘थोपा गया जुल्म’ बताया—कहा, कागजों का जंगल खड़ा कर रहा EC

SIR विवाद: राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर तीखा हमला, BLO मौतों को ‘थोपा गया जुल्म’ बताया—कहा, कागजों का जंगल खड़ा कर रहा EC

बिहार के बाद अब केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग (ECI) पर जोरदार निशाना साधा है। रविवार (23 नवंबर 2025) को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक अखबार की खबर शेयर करते हुए गांधी ने लिखा, “SIR के नाम पर देश भर में अफरा-तफरी मचा रखी है—नतीजा? तीन हफ्तों में 16 BLO की जान चली गई। हार्ट अटैक, तनाव, आत्महत्या—SIR कोई सुधार नहीं, थोपा गया जुल्म है।” उन्होंने ECI पर सॉफ्टवेयर की बजाय कागजों के जंगल पर अड़ा रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर नीयत साफ होती तो लिस्ट डिजिटल और सर्चेबल होती। यह बयान SIR से जुड़ी BLO मौतों के बढ़ते मामलों के बीच आया, जिसने राजनीतिक हंगामा मचा दिया।

राहुल का पूरा हमला: ‘षड़यंत्र, नाकामी नहीं’

गांधी ने पोस्ट में ECI के सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा, “ECI ने ऐसा सिस्टम बनाया है जिसमें नागरिकों को खुद को तलाशने के लिए 22 साल पुरानी मतदाता सूची के हजारों स्कैन पन्ने पलटने पड़ें। मकसद साफ—सही मतदाता थककर हार जाए, और वोट चोरी बिना रोक-टोक जारी रहे। भारत दुनिया के लिए अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर बनाता है, मगर भारत का चुनाव आयोग आज भी कागजों का जंगल खड़ा करने पर अड़ा है।” उन्होंने SIR को ‘सोची-समझी चाल’ बताया, जहां BLOs पर अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है और उनकी मौतों को ‘कॉलैटरल डैमेज’ मान लिया जा रहा। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह नाकामी नहीं, बल्कि सत्ता की रक्षा में लोकतंत्र की बलि है। यह हमला अगस्त से चल रहे SIR विवाद की कड़ी है, जब गांधी ने बिहार में ‘मृत’ वोटर्स से चाय पीने का वीडियो शेयर कर ECI पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया था।

BLO मौतों का विवरण: 16 मामलों का दावा, तनाव से जुड़े हादसे

राहुल के दावे के अनुसार, SIR के तीन हफ्तों में 16 BLOs की मौत हुई, जिनमें हार्ट अटैक, तनाव और आत्महत्या शामिल हैं। हाल के मामले:

पश्चिम बंगाल: नादिया जिले की BLO शांतिमोनी एकका (मालबाजार) ने SIR दबाव से तनावग्रस्त होकर आत्महत्या की। परिवार ने काम का बोझ जिम्मेदार ठहराया।

मध्य प्रदेश: रायसेन और दमोह में दो शिक्षक-BLOs की ‘बीमारी’ से मौत, लेकिन विपक्ष ने SIR वर्कलोड को दोषी बताया।

केरल, राजस्थान: तीन BLOs ने आत्महत्या की, काम के दबाव का हवाला। कांग्रेस ने इसे ‘डेमोक्रेटाइजेशन और कोविड लॉकडाउन जैसी जल्दबाजी’ बताया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी खबर शेयर कर ECI पर सवाल उठाए। हालांकि, BJP नेता राहुल सिन्हा ने नोट को ‘फर्जी’ कहा। ECI ने 19 नवंबर को अधिकारियों को SIR में लापरवाही पर व्यक्तिगत जवाबदेही की चेतावनी दी, लेकिन मौतों का सीधा लिंक नकारा।

ECI का बचाव: ‘पारदर्शी प्रक्रिया, आरोप निराधार’

ECI ने राहुल के आरोपों को ‘संविधान का अपमान’ बताते हुए खारिज किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “SIR पारदर्शी है, सभी हितधारक शामिल हैं। ‘वोट चोरी’ जैसे शब्द गुमराह करने वाले हैं।” उन्होंने अगस्त में राहुल से 7 दिनों में शपथ-पत्र मांगा था, जो नहीं आया। ECI का दावा: SIR से मृत, डुप्लिकेट या माइग्रेटेड नाम हटाए गए, नए जोड़े गए। बिहार में 65 लाख नाम हटे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने प्रक्रिया को बाध्यकारी बताया। पूर्व CEC एस गोपालास्वामी ने कहा, “कुछ गलतियां संभव, लेकिन 65 लाख का दावा अतिशयोक्ति।”

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: BJP का पलटवार, विपक्ष एकजुट

BJP: अनुराग ठाकुर ने कहा, “राहुल की हार का बहाना। SIR से लोकतंत्र मजबूत हुआ।” 272 पूर्व जजों-नौकरशाहों ने राहुल की ‘अनुचित बयानबाजी’ की निंदा की।

कांग्रेस: खड़गे ने कहा, “EC BJP की B-टीम है।” पार्टी ने दिसंबर के पहले हफ्ते दिल्ली में बड़ी रैली का ऐलान किया। प्रियंका गांधी ने SIR को ‘वोटरों को वंचित करने की साजिश’ बताया।

अन्य विपक्ष: TMC, SP ने समर्थन दिया। TMC ने प. बंगाल में SIR पर BJP को जिम्मेदार ठहराया। सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं लंबित। SIR अब बंगाल, असम, तमिलनाडु जैसे राज्यों में फैल रहा, जो 2026 चुनावों को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना: डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन BLOs के लिए ट्रेनिंग जरूरी। अधिक अपडेट्स के लिए ECI वेबसाइट चेक करें।

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