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वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज में मुस्लिम छात्रों के एडमिशन पर हंगामा: हिंदू संगठनों का विरोध, BJP ने भी उठाई आवाज

वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज में मुस्लिम छात्रों के एडमिशन पर हंगामा: हिंदू संगठनों का विरोध, BJP ने भी उठाई आवाज

जम्मू: जम्मू-कश्मीर के कटरा में स्थित श्री माता वैष्णो देवी चिकित्सा उत्कृष्टता संस्थान (SMVDIME) में पहले बैच के MBBS एडमिशन ने सियासी और सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया है। 50 सीटों में से 42 (लगभग 84%) मुस्लिम छात्रों (ज्यादातर कश्मीर से) को आवंटित होने पर RSS से जुड़े हिंदू संगठनों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया है। संगठनों का दावा है कि यह संस्थान हिंदू भक्तों के दान से बना है, इसलिए इसमें हिंदू छात्रों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। विरोधियों ने एडमिशन लिस्ट रद्द करने और अगले सत्र के लिए हिंदू आरक्षण की मांग की है। BJP ने भी लेफ्टिनेंट गवर्नर से हस्तक्षेप की मांग की है।

विवाद का पूरा विवरण:

एडमिशन लिस्ट: जम्मू एंड कश्मीर बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशंस (JKBOPEE) ने 50 उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट जारी की। इसमें 42 मुस्लिम, 7 हिंदू और 1 सिख छात्र शामिल हैं। कश्मीर से 36 छात्रों ने फॉर्मैलिटी पूरी की, जबकि जम्मू से केवल 3।

संस्थान की पृष्ठभूमि: SMVDIME वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा संचालित है, जो हिंदू भक्तों के दान (लगभग 500 करोड़ रुपये) से 2025 में स्थापित हुआ। NEET स्कोर के आधार पर एडमिशन हुआ, जिसमें 85% सीटें UT डोमिसाइल (जम्मू-कश्मीर निवासी) के लिए आरक्षित हैं और 15% ऑल इंडिया कोटा।

प्रक्रिया: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) गाइडलाइंस के तहत सभी 13 मेडिकल कॉलेजों में NEET मेरिट फॉलो की गई। संस्थान को माइनॉरिटी स्टेटस नहीं मिला, इसलिए कोई धार्मिक आरक्षण नहीं।

हिंदू संगठनों का विरोध क्यों?

मुख्य दलील: संगठनों का कहना है कि हिंदू भक्तों के दान से बने संस्थान में मुस्लिम छात्रों का ‘प्रभुत्व’ (90% तक) हिंदू भावनाओं का अपमान है। उन्होंने मांग की कि सीटें हिंदुओं के लिए आरक्षित हों, क्योंकि यह ‘विश्वास का मुद्दा’ है।

प्रदर्शन: VHP, बजरंग दल, युवा राजपूत सभा और मूवमेंट कल्कि ने कटरा में धरना दिया। श्राइन बोर्ड के CEO की गुड़िया जलाई। राष्ट्रीय बजरंग दल अध्यक्ष राकेश बजरंगी ने कहा, “यह हिंदू समुदाय के कल्याण के लिए बने संस्थान का दुरुपयोग है।” VHP प्रदेश अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने अगले सत्र के एडमिशन रोकने की मांग की।

BJP का समर्थन: उधमपुर MLA आरएस पठानिया ने कहा, “भक्तों के दान से बने संस्थान में हिंदू आरक्षण जरूरी। श्राइन बोर्ड एक्ट में संशोधन हो।” BJP नेताओं ने LG मनोज सिन्हा से मिलकर शिकायत की। सीनियर BJP नेता डॉ. परनीश महाजन ने प्रक्रिया की जांच की मांग की।

प्रशासन और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया:

अधिकारियों का पक्ष: एडमिशन मेरिट-बेस्ड और NMC नियमों के अनुरूप हैं। कोई गड़बड़ी नहीं, क्योंकि संस्थान माइनॉरिटी नहीं है। JKBOPEE ने कहा कि कश्मीर में NEET टॉपर्स अधिक थे।

विपक्ष का विरोध: PDP और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इसे ‘सांप्रदायिक उन्माद’ बताया। कहा, “मेरिट को धर्म से जोड़ना गलत।”

विशेषज्ञों का मत: यह विवाद जम्मू-कश्मीर की सांप्रदायिक संवेदनशीलता को दर्शाता है। माइनॉरिटी स्टेटस मिलने से समस्या सुलझ सकती है, लेकिन NMC नियमों में बदलाव मुश्किल।

विवाद बढ़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका। संगठनों ने चेतावनी दी कि LG के हस्तक्षेप न होने पर आंदोलन तेज होगा। यह मुद्दा 2026 चुनावों को प्रभावित कर सकता है। अधिक अपडेट के लिए JKBOPEE या श्राइन बोर्ड की वेबसाइट चेक करें।

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