पाकिस्तान में दहशतगर्दों का नया ठिकाना: आर्मी हेडक्वार्टर्स के पास लश्कर का नया आतंकी ट्रेनिंग सेंटर!
पाकिस्तान में दहशतगर्दों का नया ठिकाना: आर्मी हेडक्वार्टर्स के पास लश्कर का नया आतंकी ट्रेनिंग सेंटर!
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से सटे रावलपिंडी में एक चौंकाने वाली खबर ने सुरक्षा एजेंसियों को हिलाकर रख दिया है। पाकिस्तानी आर्मी के जनरल हेडक्वार्टर्स (GHQ) से महज 5 किलोमीटर दूर, आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) तेजी से अपना नया ट्रेनिंग सेंटर ‘मरकज अल-कुद्स’ बना रहा है। भारतीय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सेंटर घुसपैठियों को हथियार चलाने, विस्फोटक बनाने और घुसपैठ की ट्रेनिंग के लिए तैयार किया जा रहा है। निर्माण कार्य दिन-रात चल रहा है, और यह साइट GHQ की नाक के नीचे होने से पाकिस्तानी सेना की मिलीभगत के सवालों को जन्म दे रही है।
यह खुलासा ऑपरेशन सिंदूर के बाद आया है, जिसमें मई 2025 में भारतीय सेना ने PoK और पंजाब में LeT, जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और हिज्बुल मुजाहिदीन के 9 ट्रेनिंग कैंपों को नेस्तनाबूद कर दिया था। उस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए, जिसमें LeT के कई कमांडर शामिल थे। अब LeT ने अपनी रणनीति बदल ली है। पहले PoK के भिंबर-बरनाला में स्थित ‘मरकज अहले हदीस’ कैंप को निशाना बनाया गया था, जो फिदायीन यूनिट का हब था। अब संगठन खैबर पख्तूनख्वा (KPK) और पंजाब के गहरे इलाकों में शिफ्ट हो गया है, ताकि भारतीय हमलों से बचा जा सके। सितंबर 2025 में लोअर डिर जिले के कुम्बन मैदान में ‘मरकज जिहाद-ए-अक्सा’ नामक एक और नया कैंप बनाया गया, जो अफगानिस्तान बॉर्डर से 47 किमी दूर है। लेकिन रावलपिंडी का यह नया सेंटर सबसे खतरनाक है, क्योंकि यह पाक आर्मी के केंद्रीयालय के इतने करीब है।
भारतीय खुफिया सूत्रों के अनुसार, ISI (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) इस निर्माण को कवर दे रही है। GHQ के आसपास की सुरक्षा इतनी सख्त है कि बिना सेना की मंजूरी के कोई निर्माण संभव नहीं। LeT चीफ हाफिज सईद, जो लाहौर में ISI की सुरक्षा में रहता है, इस प्रोजेक्ट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। सेंटर में ‘दौरा-ए-खास’ और ‘दौरा-ए-लश्कर’ जैसे कोर्स चलने वाले हैं, जहां 50-100 युवाओं को एक साथ ट्रेनिंग दी जाएगी। यह कैंप जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ और बड़े हमलों के लिए इस्तेमाल होगा, जैसा कि 2008 मुंबई हमले और हाल के पहलगाम अटैक में हुआ था।
पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “ये भारत की साजिश है, हम आतंकवाद के खिलाफ हैं।” लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि पाक आर्मी LeT को अपना प्रॉक्सी मानती है, खासकर कश्मीर मुद्दे पर। ऑपरेशन सिंदूर के बाद JeM और HM भी KPK में शिफ्ट हो चुके हैं, जहां मारकज शहीद मक्सूदाबाद जैसे सेंटर्स में भर्ती अभियान चल रहे हैं। अमेरिकी थिंक टैंक CTC वेस्ट पॉइंट की रिपोर्ट में भी पाक के न्यूक्लियर साइट्स के पास आतंकी घुसपैठ का खतरा जताया गया है।
भारतीय सेना ने अलर्ट जारी कर दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा, “हम किसी भी धमकी का मुंहतोड़ जवाब देंगे।” क्या यह नया सेंटर अगले बड़े हमले का संकेत है? अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर UN, को अब कार्रवाई करनी होगी, वरना दक्षिण एशिया में तनाव और बढ़ेगा।
