केदारनाथ यात्रा 2025: रिकॉर्ड 17.68 लाख श्रद्धालु, लेकिन 2324 टन कूड़े का नया संकट
केदारनाथ यात्रा 2025: रिकॉर्ड 17.68 लाख श्रद्धालु, लेकिन 2324 टन कूड़े का नया संकट
विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में इस वर्ष की यात्रा सीजन ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। 3 मई से 23 अक्टूबर तक चले छह माह के यात्रा काल में 17 लाख 68 हजार से अधिक तीर्थयात्री बाबा केदार के दर्शन को पहुंचे। यह पिछले साल के 16.52 लाख से करीब 1.16 लाख अधिक है। लेकिन खुशी के साथ एक गंभीर चिंता भी आई—यात्रियों की भारी भीड़ ने धाम और 18 किलोमीटर पैदल मार्ग पर 2324 टन कूड़ा छोड़ा, जो पिछले साल के मुकाबले 325 टन ज्यादा है। कपाट बंद होने के 10 दिन बाद भी सफाई अभियान चलाना पड़ा।
जिला प्रशासन और गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) की संयुक्त टीम ने 23 अक्टूबर से 2 नवंबर तक विशेष सफाई अभियान चलाया। इसमें प्लास्टिक की बोतलें, चिप्स-बिस्किट के पैकेट, कपड़े, पूजा सामग्री, घोड़े-खच्चरों की लीद और खाने-पीने की बची वस्तुएं शामिल थीं। सबसे ज्यादा कूड़ा सोनप्रयाग, गौरीकुंड, लिंचौली, भीमबली और रामबाड़ा में मिला। प्रशासन ने 150 से अधिक सफाई कर्मचारियों और 50 खच्चरों की मदद से यह कूड़ा एकत्रित कर रुद्रप्रयाग के ट्रेंचिंग ग्राउंड तक पहुंचाया। अब धाम और पूरा पैदल मार्ग पूरी तरह साफ हो चुका है।
जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने बताया, “इस बार यात्रियों की संख्या अप्रत्याशित थी। हमने 15 लाख तक की तैयारी की थी, लेकिन 17.68 लाख पहुंच गए। कूड़ा प्रबंधन के लिए 500 से अधिक डस्टबिन लगाए गए थे, फिर भी प्लास्टिक का इस्तेमाल ज्यादा हुआ।” उन्होंने कहा कि अगले साल से सिंगल-यूज प्लास्टिक पर सख्ती और बढ़ाई जाएगी। पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी है कि यदि यही रफ्तार रही तो हिमालयी पारिस्थितिकी पर गंभीर खतरा मंडराएगा।
केदारनाथ यात्रा में इस बार हेली सेवाओं का भी भारी इस्तेमाल हुआ—लगभग 1.25 लाख यात्रियों ने हेलीकॉप्टर से दर्शन किए। इससे भी प्लास्टिक और पैकेज्ड फूड का कूड़ा बढ़ा। प्रशासन ने अब फैसला लिया है कि 2026 से यात्रा पंजीकरण की संख्या सीमित की जाएगी और प्लास्टिक फ्री जोन को और सख्ती से लागू किया जाएगा।
कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार की पंचमूर्ति शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंच चुकी है। लेकिन सफाई अभियान ने साफ संदेश दिया है—आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। अगले साल केदारनाथ आने वाले हर श्रद्धालु से अपील है: एक फूल और एक बोतल कम लाएं, एक साफ-सुथरा केदारनाथ हमें वापस दें।
