दिल्ली ब्लास्ट: मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हुई, LNJP अस्पताल में दो और ने तोड़ा दम
दिल्ली ब्लास्ट: मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हुई, LNJP अस्पताल में दो और ने तोड़ा दम
दिल्ली के रेड फोर्ट के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट के मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। लोक नायक जय प्रकाश (LNJP) अस्पताल में दो और घायलों ने सोमवार को दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान लुकमान (50 वर्ष) और विनय पाठक (50 वर्ष) के रूप में हुई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इससे पहले गुरुवार को बिलाल नामक एक मरीज की मौत हो गई थी, जिससे संख्या 13 हो गई थी। अब कुल 15 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य अभी भी इलाजाधीन हैं।
अस्पताल और पोस्टमॉर्टम की स्थिति
LNJP अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि दोनों मरीज गंभीर रूप से घायल थे और कई दिनों तक वेंटिलेटर पर थे। दिल्ली पुलिस को अस्पताल से मौत की सूचना मिली, और शवों का पोस्टमॉर्टम जल्द किया जाएगा। अस्पताल में अभी भी 20 से अधिक घायल भर्ती हैं, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। ब्लास्ट के कारण कई लोगों को श्रवण समस्या और कान में दर्द की शिकायत है। शुरुआती आठ मौतों के बाद शवों की पहचान मुश्किल थी, क्योंकि कई क्षत-विक्षत अवस्था में मिले थे।
जांच में नए खुलासे
NIA की जांच में ब्लास्ट को जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का काम बताया गया है। आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर मुहम्मद नबी (फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर) की डीएनए रिपोर्ट से पुष्टि हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपी आमिर राशिद अली की 10 दिनों की रिमांड से हवाला नेटवर्क और हथियार सप्लाई के राज खुल रहे हैं। पुलिस ने श्रीनगर से एक और संदिग्ध को पकड़ा है। साजिश में ‘D-6’ कोडनेम का इस्तेमाल हुआ, जो बाबरी मस्जिद विध्वंस की वर्षगांठ पर मल्टी-सिटी हमले का प्लान था। फंडिंग डॉ. शाहीद शाहिद के जरिए 20 लाख रुपये की आई।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सुरक्षा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “दोषियों को पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे।” केंद्र ने दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। असम में ब्लास्ट पर आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट्स के लिए 15 गिरफ्तारियां हुईं। सहारनपुर में मुस्लिम समुदाय ने पाक आर्मी चीफ आसिफ मुनीर और जैश सरगना मसूद अजहर के पुतले जलाए।
यह घटना राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल खड़ी कर रही है। NIA की अगली रिपोर्ट से बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है। परिवारों को मुआवजे की घोषणा का इंतजार है।
