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दिल्ली ब्लास्ट: 6 डॉक्टर, 8 शहर और एक मकसद… ‘व्हाइट कॉलर टेरर’ का खौफनाक चेहरा उजागर

दिल्ली ब्लास्ट: 6 डॉक्टर, 8 शहर और एक मकसद… ‘व्हाइट कॉलर टेरर’ का खौफनाक चेहरा उजागर

रेड फोर्ट के पास 10 नवंबर को हुए कार बम धमाके ने न सिर्फ 12 लोगों की जान ले ली, बल्कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था के छेद भी खोल दिए। धमाके की जांच में सामने आया एक खतरनाक ‘व्हाइट कॉलर टेरर’ मॉड्यूल, जिसमें 6 डॉक्टर मुख्य आरोपी हैं। यह नेटवर्क 8 प्रमुख शहरों – श्रीनगर, अनंतनाग, गंदेरबल, शोपियां (जम्मू-कश्मीर), फरीदाबाद (हरियाणा), लखनऊ (उत्तर प्रदेश), हैदराबाद (तेलंगाना) और अहमदाबाद (गुजरात) – में फैला हुआ था। इनका एकमात्र मकसद था: जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के इशारे पर दिल्ली समेत कई शहरों में बड़े हमले कर भारत को अस्थिर करना। NIA की जांच में खुलासा हुआ कि यह मॉड्यूल शिक्षित पेशेवरों – डॉक्टरों, व्यापारियों और धार्मिक नेताओं – से बना था, जो अस्पतालों और विश्वविद्यालयों को आड़ बनाकर हथियार, विस्फोटक और फंडिंग का जाल बुन रहे थे।

धमाका 10 नवंबर शाम 6:52 बजे चांदनी चौक के पास रेड फोर्ट मेट्रो स्टेशन के पार्किंग एरिया में हुआ। व्हाइट Hyundai i20 कार में अमोनियम नाइट्रेट से भरा IED फटा, जिसमें 12 लोग मारे गए और 25 से ज्यादा घायल हुए। CCTV फुटेज से पुष्टि हुई कि कार फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर उमर उल नबी (32, पुलवामा निवासी) चला रहे थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने आत्मघाती हमला किया। J&K पुलिस ने 7 नवंबर को उमर के सहयोगी डॉ. मुजम्मिल शकील को गिरफ्तार किया, जिसके बाद उमर भागे। फरीदाबाद से 2,900 किलो विस्फोटक, AK-56 राइफलें, टाइमर और डेटोनेटर बरामद हुए। NIA के अनुसार, यह मॉड्यूल दिसंबर 6 को दिल्ली में सीरीज ब्लास्ट की साजिश रच रहा था।

इस नेटवर्क के 6 डॉक्टरों की पहचान हो चुकी है, जो JeM और ISIS-खोरासान से जुड़े थे। मुख्य आरोपी:

डॉ. उमर उल नबी (फरीदाबाद): धमाके का चालक, अल-फलाह अस्पताल में जूनियर डॉक्टर। श्रीनगर में JeM पोस्टर चिपकाने का मास्टरमाइंड।

डॉ. मुजम्मिल अहमद गनाई (फरीदाबाद): अल-फलाह यूनिवर्सिटी में लेक्चरर, हथियार स्टोरेज में शामिल।

डॉ. शाहीन शाहिद (लखनऊ): महिलाओं का टेरर विंग बनाने की साजिश, JeM हैंडलर से संपर्क।

डॉ. अब्दुल रशीद भट (शोपियां): कश्मीरी डॉक्टर, अमोनियम नाइट्रेट की सप्लाई चेन का लिंक।

डॉ. अहमद मोहिउद्दीन सईद (हैदराबाद): चीन से MBBS, गुजरात ATS ने गिरफ्तार। रिसिन पॉइजन अटैक प्लानिंग।

डॉ. नासिर हुसैन (अहमदाबाद): गुजरात में प्रैक्टिस, फंडिंग के जरिए चैरिटी फ्रंट चलाता।

ये डॉक्टर एन्क्रिप्टेड ऐप्स (टेलीग्राम, सिग्नल) से संपर्क में थे, पाकिस्तान-आधारित हैंडलर्स से निर्देश लेते। फरीदाबाद के दहड़ कॉलोनी से 2,563 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद, जो दिल्ली हमले के लिए था। अल-फलाह यूनिवर्सिटी के ट्रस्टी की 9 कंपनियों से फ्रॉड लिंक भी जांच में। ED फाइनेंशियल ट्रेल ट्रैक कर रही है।

J&K पुलिस ने धमाके के बाद कश्मीर में 650 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें 50 डॉक्टर शामिल। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “कोई छिप नहीं सकता।” PM मोदी ने भूटान से चेतावनी दी, “सभी दोषी बेनकाब होंगे।” विशेषज्ञों का कहना है कि यह ‘व्हाइट कॉलर टेरर’ नया खतरा है – शिक्षित लोग आसानी से घुसपैठिए नेटवर्क में घुलमिल जाते हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी कश्मीर में रेडिकलाइजेशन जारी। सुप्रीम कोर्ट ने कड़े कदमों की मांग की, जबकि कांग्रेस ने शाह का इस्तीफा मांगा। क्या यह मॉड्यूल का अंत है या सिर्फ टिप आइसबर्ग? NIA की जांच जारी, लेकिन दिल्ली हाई अलर्ट पर। देश को अब आंतरिक सुरक्षा पर नई रणनीति चाहिए।

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