बिहार चुनाव 2025: कांग्रेस का बुरा हाल – सिर्फ 2-5 सीटों पर लीड, 2020 के 19 से गिरी ‘शून्य’ के करीब!
बिहार चुनाव 2025: कांग्रेस का बुरा हाल – सिर्फ 2-5 सीटों पर लीड, 2020 के 19 से गिरी ‘शून्य’ के करीब!
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के रुझानों ने कांग्रेस को फिर से झटका दिया है। महागठबंधन (MGB) के हिस्से के रूप में 61 सीटों पर लड़ी पार्टी अब ECI के लेटेस्ट ट्रेंड्स (दोपहर 2 बजे तक) में सिर्फ 2-5 सीटों पर ही लीड कर रही है। 2020 में 19 सीटें जीतने वाली कांग्रेस का ये प्रदर्शन ‘डिजास्टर’ माना जा रहा है – RJD (26-28 सीटें) के मुकाबले कांग्रेस का वोट ट्रांसफर फेल हो गया। NDA 200+ पर मजबूत, MGB 35-40 के आसपास सिमट रहा। आइए, डिटेल में देखें कांग्रेस का ‘हाल’:
मुख्य रुझान (ECI ट्रेंड्स, 14 नवंबर 2025, दोपहर 2 बजे तक):
कांग्रेस की लीड: 2-5 सीटें (जैसे बेगूसराय में अमिता भूषण लीडिंग, लेकिन कुल मिलाकर सिर्फ 2 कन्फर्म लीड्स)। ये 61 में से महज 3-8% स्ट्राइक रेट है।
कुल MGB: 35 सीटें (RJD: 26-28, कांग्रेस: 2-5, CPI(ML): 2, CPM: 1)।
NDA का दबदबा: 200+ (BJP: 89-91, JD(U): 82-83, LJP: 21)।
वोट शेयर: कांग्रेस का 8-9% अनुमानित, लेकिन कन्वर्जन रेट जीरो के करीब। AIMIM (6 सीटें) ने भी कांग्रेस से बेहतर किया!
प्रमुख हारें: नेताओं का सफाया
राजेश कुमार (बिहार कांग्रेस प्रेसिडेंट): कुटुंबा में HAM(S) के ललन राम से 7,288 वोटों से ट्रेलिंग।
शकील अहमद खान (CLP लीडर): कादवा में JD(U) के दुलाल चंद्र गोस्वामी से 23,785 वोटों से पीछे।
अन्य: जलील मस्तान (अमौर) AIMIM से ट्रेलिंग। पार्टी के 70% कैंडिडेट्स 10,000+ मार्जिन से हार रहे।
क्यों इतनी बुरी हार? 5 मुख्य वजहें
गठबंधन में वोट ट्रांसफर फेल: RJD के मुस्लिम-Yadav वोट बैंक से कांग्रेस को फायदा न पहुंचा। जाति सर्वे का ‘सामाजिक न्याय’ एजेंडा फ्लॉप।
राष्ट्रीय इश्यूज का असर: राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ नैरेटिव बिहार में न चला। NDA के वेलफेयर स्कीम्स (महिलाओं को मुफ्त बिजली, पेंशन) ने EBC-महिला वोट्स छीने।
ऑर्गनाइजेशनल कमजोरी: बिहार में कांग्रेस की ग्रासरूट स्ट्रक्चर कमजोर। 2020 के बाद भी सुधार न हुआ – ‘पार्टी ऑफिस’ से ज्यादा ‘राष्ट्रीय लीडर्स’ पर डिपेंडेंसी।
विपक्षी एकता टूट: लेफ्ट पार्टियों (CPI, CPI(ML)) ने 29 सीटों पर लड़ा, लेकिन 16 जीतने के बजाय 3 पर सिमटे। कांग्रेस को ‘कमजोर लिंक’ माना गया।
ग्लोबल/लोकल फैक्टर्स: हाई वोटर टर्नआउट (66.91%, महिलाएं 71.6%) NDA को फायदा। PK की JSP ने भी MGB वोट काटे।
X पर रिएक्शन: मीम्स और तंजों का दौर
ट्रेंडिंग: #CongressInBihar #BiharElection2025। यूजर्स कह रहे, “कांग्रेस 2020: 19 सीटें, 2025: 2 – सुप्रिया श्रीनाते राइट नाउ 😂।”
कांग्रेस साइड: “ट्रेंड्स फाइनल नहीं, ECI vs जनता का मुकाबला।” (पवन बंसल)5d5775 लेकिन मीम्स में: “AIMIM > कांग्रेस – बिहार में नया फॉर्मूला!”
BJP/RJD: “कांग्रेस BJP की B-टीम? 60 सीटों पर लड़ी, 3 पर लीड – वोटकटवा बनी!”
आगे क्या? पार्टी के लिए सबक
शॉर्ट टर्म: अगर फाइनल 2-4 सीटें मिलीं, तो MGB में टेंशन बढ़ेगी। राहुल-अशोक गहलोत जैसे लीडर्स ‘मनी पावर’ का आरोप लगा रहे।
लॉन्ग टर्म: बिहार में रिवैंप जरूरी – लोकल लीडर्स बिल्डअप, गठबंधन रणनीति चेंज। 2027 ODI WC स्टाइल में ‘कमबैक’ की उम्मीद?
टिप्स फॉर कांग्रेस: युवा विंग स्ट्रॉन्ग करें, ‘बिहार फोकस्ड’ कैंपेन चलाएं।
कांग्रेस का ये ‘हाफ’ होना MGB की कमजोरी दिखाता है, लेकिन NDA की जीत पक्की। अगर किसी सीट या लीडर पर डिटेल चाहिए, तो बताएं!
