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बंगाल में ‘कमल’ खिलते ही आसनसोल के बास्टिन बाजार में दुर्गा मंदिर के कपाट खुले, सालों से लगा था ताला

बंगाल में ‘कमल’ खिलते ही आसनसोल के बास्टिन बाजार में दुर्गा मंदिर के कपाट खुले, सालों से लगा था ताला

​आसनसोल (पश्चिम बर्धमान): पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी की प्रचंड जीत (207 सीटें) के साथ ही राज्य में बदलाव की लहर दिखने लगी है। चुनाव परिणाम आने के महज 24 घंटे के भीतर आसनसोल के बास्टिन बाजार स्थित एक प्राचीन दुर्गा मंदिर के कपाट खुल गए हैं। स्थानीय लोगों और मंदिर ट्रस्ट का दावा है कि यह मंदिर पिछले कई वर्षों से राजनीतिक दबाव और सांप्रदायिक आपत्तियों के कारण बंद था।

​क्यों बंद था मंदिर? ट्रस्टी का गंभीर आरोप

​मंदिर ट्रस्ट के सदस्य संजय अग्रवाल ने इस घटनाक्रम पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि:

​राजनीतिक दबाव: जब से राज्य में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सत्ता आई थी, तब से मंदिर को बंद करवा दिया गया था।

​सांप्रदायिक आपत्ति: आरोप है कि अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ लोगों की आपत्ति और टीएमसी सरकार पर उनके कथित प्रभाव के कारण मंदिर में दैनिक पूजा रोक दी गई थी।

​धमकी का दावा: ट्रस्टी का कहना है कि उन्हें धमकी दी जाती थी कि यदि मंदिर खुला तो “खून की नदी बह जाएगी”, जिसके चलते यह केवल दुर्गा पूजा के समय ही खुलता था।

​बीजेपी की जीत के बाद बदला माहौल

​बंगाल चुनाव में बीजेपी को मिली बंपर जीत और आसनसोल दक्षिण सीट से भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल की जीत के बाद इलाके के समर्थकों और श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है।

​चहल-पहल और पूजा: जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, पूरे इलाके में जयकारों के साथ धार्मिक उत्साह का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा करने पहुंचे।

​अतिक्रमण का मुद्दा: ट्रस्टी ने यह भी बताया कि मंदिर के आसपास की जमीन पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया गया है, जिससे 90 फीट की सड़क घटकर महज 7 फुट रह गई है।

​पीएम मोदी का आश्वासन और आगे की मांग

​संजय अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें आश्वासन दिया था। अब ट्रस्ट की मांग है कि:

​”मंदिर खुल गया है, लेकिन हमें प्रशासन की ओर से लिखित में सुरक्षा और स्थायी पूजा की अनुमति चाहिए। हम उस दिन पूर्ण रूप से उत्सव मनाएंगे जिस दिन हमें कानूनी सुरक्षा का लिखित दस्तावेज मिल जाएगा।”

​प्रशासनिक सतर्कता

​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने बास्टिन बाजार और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि:

​इलाके में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पहली प्राथमिकता है।

​किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

​पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

​निष्कर्ष:

बीजेपी की जीत के बाद बंगाल के कई हिस्सों से इस तरह के प्रतीकात्मक बदलावों की खबरें आ रही हैं। आसनसोल का यह मामला अब राज्य की नई राजनीति और धार्मिक स्वतंत्रता के विमर्श का केंद्र बन गया है।

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