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मिडिल ईस्ट में फिर छिड़ी जंग: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर टूटा, होर्मुज में भारी गोलाबारी

मिडिल ईस्ट में फिर छिड़ी जंग: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर टूटा, होर्मुज में भारी गोलाबारी

​दुबई/वॉशिंगटन: मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदों को एक बड़ा झटका लगा है। ईरान और अमेरिका के बीच पिछले एक महीने से चला आ रहा सीजफायर सोमवार को अचानक टूट गया। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीधा टकराव शुरू हो गया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति संकट में पड़ गई है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब एक पूर्ण विकसित (Full-scale) युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।

​होर्मुज में आमने-सामने की भिड़ंत

​तनाव तब चरम पर पहुंच गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फंसे हुए जहाजों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन’ की घोषणा की। इसके जवाब में समुद्र में मिसाइलें और गोलियां चलने लगीं:

​अमेरिका का दावा: अमेरिकी नौसेना के एक अधिकारी के अनुसार, उनकी सेना ने ईरान की छह छोटी नौकाओं को डुबो दिया है। ट्रंप ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान ने अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया, तो उसे “धरती से मिटा दिया जाएगा।”

​ईरान का पलटवार: ईरान ने अपनी नौकाएं डूबने के दावे को खारिज कर दिया है। ईरानी सेना ने अमेरिकी युद्धपोतों पर चेतावनी के तौर पर फायरिंग की और स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उनका नियंत्रण बरकरार रहेगा।

​UAE पर हमला और भारतीयों के घायल होने की खबर

​इस टकराव की आग अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) तक भी पहुंच गई है। यूएई ने आरोप लगाया है कि ईरान ने उसके ऊर्जा केंद्रों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया है।

​फुजैरा में हमला: यूएई के फुजैरा स्थित एक ऊर्जा केंद्र पर हुए हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए हैं।

​ओमान में तबाही: होर्मुज के किनारे ओमान के बुखा इलाके में एक रिहायशी इमारत पर हमला हुआ, जिसमें दो लोग घायल हुए हैं।

​सुरक्षा उपाय: यूएई ने एहतियात के तौर पर पूरे हफ्ते के लिए स्कूलों को ऑनलाइन मोड पर चलाने का आदेश दिया है और अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है।

​कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग

​समुद्र में शुरू हुई इस लड़ाई का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। तेल का रास्ता (होर्मुज) खतरे में पड़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में हड़कंप मच गया है:

​ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आया है।

​ऊर्जा महंगी होने से दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है, जो अमेरिकी चुनाव से ठीक पहले डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकता है।

​क्या कहते हैं दोनों पक्ष?

​ईरान का रुख: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि सैन्य समाधान से समस्या नहीं सुलझेगी। उन्होंने अमेरिका को आगाह किया कि वह फिर से युद्ध के दलदल में न फंसे। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह सब अमेरिका की जबरदस्ती की कार्रवाई का नतीजा है।

​इजरायल और अमेरिका: इजरायल ने अपनी सीमा और सेना को हाई अलर्ट पर रखा है। वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि हालांकि ईरान ने कुछ हमले किए हैं, लेकिन अभी तक कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है।

​विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही कूटनीतिक बातचीत शुरू नहीं हुई, तो होर्मुज का यह टकराव वैश्विक महायुद्ध की चिंगारी बन सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट के इस संकरे समुद्री रास्ते पर टिकी हैं, जहाँ से दुनिया का 20% तेल गुजरता है।

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